एससी-एसटी छात्रों के उत्थान को लेकर सरकार गंभीर:औरंगाबाद में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक; छात्रावास और विद्यालयों का होगा स्थल निरीक्षण

एससी-एसटी छात्रों के उत्थान को लेकर सरकार गंभीर:औरंगाबाद में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक; छात्रावास और विद्यालयों का होगा स्थल निरीक्षण

औरंगाबाद में एससी-एसटी कल्याण समिति के सदस्य संतोष कुमार निराला ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर सरकार गंभीर है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि समिति राज्य के प्रत्येक जिले का दौरा कर संचालित योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की जानकारी ले रही है। औरंगाबाद में भी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ योजनावार समीक्षा की गई है। अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लाभुकों को मिल रही सुविधाओं और क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली गई। समीक्षा बैठक में कुछ पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। ऐसे पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। समिति का उद्देश्य केवल कागजी रिपोर्ट की समीक्षा करना नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद विद्यार्थियों और परिवारों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल करना है। छात्रावास और विद्यालयों का होगा स्थल निरीक्षण संतोष कुमार निराला ने बताया कि मंगलवार को जिले के दो-तीन स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान एससी-एसटी के साथ पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए संचालित छात्रावासों और विद्यालयों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, रहने की व्यवस्था, भोजन, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी जरूरतों की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि किसी स्तर पर कमी मिलती है तो उसे दूर कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण मिले और संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। कमियों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी समिति सदस्य ने कहा कि निरीक्षण और समीक्षा के दौरान सामने आने वाली कमियों एवं त्रुटियों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार के संज्ञान में लाई जाएगी। इसका उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाना है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। विभागीय अधिकारियों को भी योजनाओं के प्रति जवाबदेह बनाया जा रहा है। उन्होंने बिहार सरकार की ओर से भूमिहीन और गरीब परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पहल का भी उल्लेख किया। बताया कि पात्र परिवारों को आवास के लिए जमीन का बासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में भी जिले के अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। औरंगाबाद में एससी-एसटी कल्याण समिति के सदस्य संतोष कुमार निराला ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर सरकार गंभीर है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि समिति राज्य के प्रत्येक जिले का दौरा कर संचालित योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की जानकारी ले रही है। औरंगाबाद में भी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ योजनावार समीक्षा की गई है। अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लाभुकों को मिल रही सुविधाओं और क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली गई। समीक्षा बैठक में कुछ पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। ऐसे पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। समिति का उद्देश्य केवल कागजी रिपोर्ट की समीक्षा करना नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद विद्यार्थियों और परिवारों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल करना है। छात्रावास और विद्यालयों का होगा स्थल निरीक्षण संतोष कुमार निराला ने बताया कि मंगलवार को जिले के दो-तीन स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान एससी-एसटी के साथ पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए संचालित छात्रावासों और विद्यालयों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, रहने की व्यवस्था, भोजन, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी जरूरतों की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि किसी स्तर पर कमी मिलती है तो उसे दूर कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण मिले और संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। कमियों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी समिति सदस्य ने कहा कि निरीक्षण और समीक्षा के दौरान सामने आने वाली कमियों एवं त्रुटियों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार के संज्ञान में लाई जाएगी। इसका उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाना है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। विभागीय अधिकारियों को भी योजनाओं के प्रति जवाबदेह बनाया जा रहा है। उन्होंने बिहार सरकार की ओर से भूमिहीन और गरीब परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पहल का भी उल्लेख किया। बताया कि पात्र परिवारों को आवास के लिए जमीन का बासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में भी जिले के अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी।  

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