एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल का भिवानी में स्वागत:भारतीय हॉकी टीम प्लेयर ने परिवार को समर्पित किया मेडल, बोले- पिता ने शुरू करवाया खेलना

एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल का भिवानी में स्वागत:भारतीय हॉकी टीम प्लेयर ने परिवार को समर्पित किया मेडल, बोले- पिता ने शुरू करवाया खेलना

भारतीय हाकी टीम की खिलाड़ी और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल रविवार को भिवानी लौटी। जिसका भिवानी में जोरदार स्वागत किया गया। भिवानी पहुंचने पर सबसे पहले भगत सिंह चौक पर फूल-मालाओं से स्वागत किया और खुली गाड़ी में रोड शो निकाला गया। इस दौरान स्कूली छात्र, खेल प्रेमी व अन्य लोग शामिल हुए, जिन्होंने ईशिका सम्भरवाल का हौसला बढ़ाया। भिवानी पहुंचने पर ईशिका सम्भरवाल ने अपने सम्मान को देखकर कहा कि बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि आप सब ऐसे ही सहयोग करते रहे, मैं वायदा करती हूं कि आगे भी ऐसे ही कड़ी मेहनत करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही टीम ने ओलिंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। जिसके कारण उन्हें क्वालीफाई कर लिया है। अब पूरी टीम का फोकस ओलिंपिक पर रहेगा और इंडिया पक्का गोल्ड मेडल लेकर आएगी। परिवार को समर्पित किया मेडल
ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि यहां तक पहुंचने के सफल को लेकर कहा कि लगातार मेहनत करते रहें। उन्होंने अपने परिजनों को मेडल समर्पित किया। इसके साथ ही जितने भी लोग यहां पर स्पोर्ट करने आए हैं, उनको भी मेडल समर्पित करना चाहूंगी। अब खुद को और बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा। ओलिंपिक के लिए 2 साल बाकी हैं, उसको लेकर हर छोटी-छोटी चीजों पर वर्क किया जाएगा। पिता ने करवाई शुरूआत
ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि उनके पिता विरेंद्र सम्भरवाल होकी के ही कोच रहे हैं। शुरूआत से उनके पिता कोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पापा की वजह से ही हो पाया है कि उन्होंने हॉकी की शुरूआत की। छोटे बच्चे भी हॉकी शुरू करें और उसके लिए अभ्यास करें। अगर लगातार प्रयास व अभ्यास करेंगे तो एक मंजिल पर जरूर पहुंचेंगे। सुबह-शाम को प्रैक्टिस की है। जब वे जूनियर में सिलेक्ट हुई तो बैंगलुरू में भी प्रैक्टिस की है। उसके बाद सीनियर में चयन हुआ तो उसके साथ प्रैक्टिस की। वे फिलहाल सीनियर टीम के साथ प्रैक्टिस कर रही है और ओलिंपिक के लिए भी वहां प्रैक्टस करती रहेंगी। पूरी टीम व कोच का सहयोग रहा, इसलिए आत्मविश्वास के साथ दिखा पाई हुनर
ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि पूरी टीम का भी काफी सहयोग रहा। हमने पहले ही निश्चित किया हुआ था कि इस बार गोल्ड मेडल हमारा होगा, क्योंकि पिछले 44 साल से इंडिया गोल्ड मेडल नहीं लाया था। उन्होंने कहा उनका यह पहला एशियन गेम था, जो सबसे बड़ा टूर्नामेंट रहा। कोच व टीम का सहयोग रहा, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने हुनर को दिखा पाई। उनके पूरे परिवार का इस उपलब्धि में सहयोग रहा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *