रायबरेली में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। अचानक हुए मौसमी बदलाव के कारण लोग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायबरेली की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। जहां इन दिनों मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एम्स रायबरेली के मेडिसिन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम और सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। इस बदलते मौसम से वयस्क, छोटे बच्चे और बुजुर्ग सभी प्रभावित हो रहे हैं। एम्स के चिकित्सक डॉ. नीरज श्रीवास्तव और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हरिकिशन पारीक ने बताया कि मौसम में अचानक आई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बैक्टीरिया और वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस दौरान खान-पान और पहनावे पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बासी भोजन, दूषित पानी और अचानक ठंड-गर्मी के संपर्क में आने से बचना महत्वपूर्ण है, क्योंकि जरा सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।चिकित्सकों ने बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय भी सुझाए हैं। दूषित पानी से होने वाले दस्त और पेट के संक्रमण से बचने के लिए पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, बाहर के खुले, बासी या कटे हुए फल और भोजन से परहेज करना चाहिए। सुबह और रात के समय होने वाली हल्की ठंड या नमी से बचाव करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बुखार या दस्त होने पर मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक लेने के बजाय तुरंत किसी नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।


