छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए सरकार ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान शुरू करेगी। इसके तहत प्रदेश के हर घर में मुनगा (सहजन) का पौधा लगाने की योजना है। फरवरी से मार्च 2027 के बीच लोगों को मुफ्त पौधे बांटे जाएंगे। इसके अलावा राज्य के करीब 23 हजार 500 स्कूलों में भी मुनगा के पौधे लगाए जाएंगे। स्कूलों में पोषण वाटिका बनाई जाएगी और मिड-डे मील में मुनगा भाजी शामिल की जाएगी। इस अभियान की तैयारी को लेकर गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पौधे तैयार करने से लेकर उनके रोपण, देखभाल और निगरानी तक की योजना पर चर्चा की गई। अभियान की निगरानी सभी जिलों के कलेक्टर करेंगे। मुनगा की भाजी से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलेगा पोषण मुनगा की पत्तियों और फलियों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-ए व विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे भोजन में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है। सरकार का उद्देश्य मुनगा को घरों और संस्थानों तक पहुंचाकर कुपोषण और एनीमिया से बचाव के प्रयासों को मजबूत करना है। खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर ध्यान दिया जाएगा। तीन विभागों की नर्सरी में तैयार होंगे पौधे अभियान के लिए उद्यानिकी, कृषि एवं किसान कल्याण और वन विभाग की नर्सरियों में मुनगा के पौधे तैयार किए जाएंगे। फरवरी-मार्च में इनका वितरण और रोपण किया जाएगा। घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में भी मुफ्त पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। पौधों की निगरानी डिजिटल तरीके से होगी अभियान में पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पौधे कहां लगाए गए हैं और उनकी स्थिति क्या है, इसकी निगरानी की जा सकेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग इस अभियान का नोडल विभाग होगा। विभाग आंगनबाड़ी स्तर पर समन्वय, हितग्राहियों के चयन, पोषण संबंधी जानकारी देने और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा। पंचायतों और स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ेंगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग गांवों में बाड़ियों की पहचान, नर्सरी तैयार करने और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगा। उद्यानिकी और कृषि विभाग बेहतर गुणवत्ता के पौधे तैयार करने, रोपण की तकनीक, जैविक खाद और पौधों की सुरक्षा के लिए तकनीकी सहयोग देंगे। अभियान में वन विभाग की भी भागीदारी रहेगी। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित वन, उद्यानिकी और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

