जयपुर में संस्कृति, पर्यावरण, परंपराओं और सामाजिक जीवन को फिर से जोड़ने के लिए ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’ अभियान 2 अक्टूबर से चलेगा। जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर शुक्रवार को एक पेड़ पूर्वजों के नाम लगाकर इसकी शुरुआत की जाएगी। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी होंगी। वहीं विशिष्ट अतिथि सांसद मंजू शर्मा और अध्यक्षता महापौर सुनील कोठारी करेंगे। फिक्की फ्लो की महिला अध्यक्ष नीता बूचरा ने गुरुवार को बताया- पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाए जाएंगे, जिन्होंने जयपुर को संस्कृति, परंपरा की पहचान दी। तीन महीने में जोड़ेंगे पांच लाख परिवार बूचरा ने बताया- जयपुर में अब तक करीब 1000 ग्रुप तैयार हो चुके हैं। प्रत्येक समूह में लगभग 15 से 20 घर जुड़े हैं। शहर के समाजसेवी व पर्यावरणविद अशोक मित्तल ने कहा- अगले तीन महीनों में कम से कम 50 हजार घरों को सीधे जोड़ने और जनजागरण के जरिए करीब 5 लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य है। कार्यक्रम समन्वयक अशोक दाधीच ने कहा- अभियान का लक्ष्य है- जयपुर के घरों से निकलने वाले कचरे की मात्रा कम करना। इसके लिए गीले कचरे से खाद बनाने की ट्रेनिंग महिलाओं को दी जाएगी। पहले चरण में 1000 समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और फिर वे अपने मोहल्लों में घर-घर जाकर दूसरी महिलाओं को इसकी जानकारी देंगी। हर घर में कम से कम तीन पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। लोकगीतों में फिर सुनाई देगी जयपुर की आवाज समरस भारत के सचिव धनंजय सिंह ने कहा- इस अभियान में लुप्त हो रहे पारंपरिक लोकगीतों को फिर से सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने की पहल होगी। महिलाओं की टोलियां विवाह, त्योहारों और दूसरे सामाजिक अवसरों पर गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों को जीवंत करेंगी। तीज, गणगौर, नवरात्र, गरबा, होली और अन्य उत्सवों में लोकगीतों को बढ़ावा दिया जाएगा। महिलाओं को गीत सिखाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास होंगे। प्लास्टिक, नशे के खिलाफ जनजागरण प्लास्टिक मुक्त जयपुर के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना पैदा करने और भिक्षावृत्ति के मुद्दे पर जनजागरण किया जाएगा।

