रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में हर साल बढ़ाई जाने वाली 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी को रोकने, टीचिंग व नॉन टीचिंग के पदों को भरने व छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने तीन दिवसीय धरना शुरू किया। एमडीयू लाइब्रेरी के बाहर SFI के सदस्यों ने जेन-जी के अंदाज में नारेबाजी करते हुए कहा कि एक कचौड़ी दो समोसा, एमडीयू में फीसों का क्या भरोसा, इस प्रकार के अन्य स्लोगनों के साथ स्टूडेंट ने अपनी बात रखी और छात्रों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने की मांग की। यूनिवर्सिटी अपनी मर्जी से बढ़ा रही फीस
एसएफआई सदस्य रोहित ने बताया कि एमडीयू प्रशासन अपनी मर्जी से 10 प्रतिशत फीस हर साल बढ़ा रहा है, जिसके कारण जो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे फीस भरने में असमर्थ है, वो कैसे अपनी पढ़ाई जारी रखे। गरीब घरों के बच्चों से फीस बढ़ाकर पढ़ने का हक छीना जा रहा है। छात्राओं की सुरक्षा व खाली पड़े पदों को भरने की मांग
रोहित ने बताया कि एमडीयू का माहौल लगातार खराब हो रहा है। सिक्योरिटी इतनी चरमरा गई है कि छात्राएं अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगी है। विभागों में शिक्षकों के पद खाली पड़े है। बच्चे पढ़ाई भी करें तो बिना शिक्षकों के कैसे करें। एमडीयू प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने में लगा
रोहित ने कहा कि एमडीयू प्रशासन ने 15 सितंबर तक समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसे भी एक महीना होने का है और अब तक कोई समाधान नहीं किया। अगर जरूरत पड़ी तो छात्र अनिश्वित हड़ताल पर चले जाएंगे। साथ ही भूख हड़ताल भी कर सकते हैं। धरने पर इन नारों का किया प्रयोग
धरने के दौरान छात्रों ने एक कचौड़ी दो समोसा, एमडीयू में फीसों का क्या भरोसा, एमडीयू में वीसी-रजिस्ट्रार ठाली है यूनिवर्सिटी में 60 प्रतिशत टीचर के पद खाली है। डिग्री बांटना बंद करो, पहले टीचरों का प्रबंध करो जैसे नारों से अपनी आवाज को बुलंद किया।

