उन्नाव में गौवंश की दुर्दशा और गौशालाओं में अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे गौ रक्षकों, विश्व हिंदू परिषद और विभिन्न युवा संगठनों से जुड़े लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले की गौशालाओं में पर्याप्त चारा-पानी नहीं मिलने और बीमार व घायल गौवंश के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। धरने में शामिल गौ सेवक शिवम रावत ने कहा कि उन्नाव जिले की कई गौशालाओं में गौवंश की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौशालाओं में व्यवस्थाओं के नाम पर धांधली और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। शिकायत करने पर भी कई मामलों में सही तरीके से जांच करने के बजाय शिकायतों का गलत निस्तारण कर दिया जाता है। एफआईआर दर्ज किए जाने का आरोप शिवम रावत ने कहा कि वह करीब एक महीने पहले भी गौवंश की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे थे। इसके बाद रसूलाबाद भी गए थे, लेकिन वहां भी उनके खिलाफ गलत तरीके से एफआईआर दर्ज किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य जिले की सभी गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर कराना है। अधिकारियों की ओर से आश्वासन उन्होंने बताया कि बघाखेड़ा, कुरारी कलां, बीरसिंहपुर समेत कई गौशालाओं को लेकर पूर्व में भी शिकायतें की जा चुकी हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के निस्तारण के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों की ओर से आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन बाद में रिपोर्ट बदल दी जाती है और जमीनी स्थिति जस की तस बनी रहती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कराया जाए और वहां गौवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए। बीमार और घायल पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सकों की नियमित व्यवस्था करने की भी मांग की गई। उन्होंने कहा कि गौवंश की मौत के मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग शिवम रावत ने कहा कि कई महीनों से वह इस मामले को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक जिलाधिकारी से आमने-सामने वार्ता नहीं हो सकी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से समस्याओं का स्थायी समाधान कराने और शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की।

