ईरान में पेट्रोल की किल्लत का अमेरिकी दावा खारिज, ईरानी नेता बोले- बेबुनियाद झूठ, 3- 4 मिनट में भर रहा तेल

ईरान में पेट्रोल की किल्लत का अमेरिकी दावा खारिज, ईरानी नेता बोले- बेबुनियाद झूठ, 3- 4 मिनट में भर रहा तेल

Scott Bessent: अमेरिका और ईरान के बीच बयानों की जंग एक बार फिर तेज हो गई है। ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान में लोग पेट्रोल के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। ईरानी नेता ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के इस बयान को ‘बेबुनियाद झूठ के अलावा कुछ नहीं’ बताया है।

इब्राहिम अजीजी की अमेरिका को चेतावनी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी रुख पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने लिखा कि इसे एक सबक के तौर पर लें और अपनी गलत गणनाओं को दोहराने से बचें, वरना विजयी सशस्त्र बल आपको ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे आप कभी नहीं भूलेंगे।

वीडियो शेयर कर पेश की हकीकत

अपने दावे को सही साबित करने के लिए अजीजी ने ‘ईरान प्रेस’ का एक वीडियो भी री-पोस्ट किया। इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि देश के नागरिक पेट्रोल पंपों पर घंटों इंतजार करने के बजाय महज तीन से चार मिनट में ही अपनी गाड़ियों में तेल भरवा रहे हैं।

स्कॉट बेसेंट के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, यह पूरा विवाद अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की 15 सितंबर को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सामने दी गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। बेसेंट ने अपने बयान में दावा किया था कि अमेरिकी विभाग द्वारा ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों को सख्त किए जाने के बाद वहां के पेट्रोल स्टेशनों पर लोगों को तीन से चार घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इसी बयान के जवाब में ईरान ने अब कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

इजरायली सेना ने चेकपॉइंट बंद कर शिक्षकों को रोका

इजरायली बलों ने आज कब्जे वाले वेस्ट बैंक में दो चेकपॉइंट बंद कर दिए। वफा समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के कारण कम से कम 104 शिक्षकों को उनके स्कूलों तक पहुंचने से रोक दिया गया।

1,100 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर

इजरायली बलों के इस कदम से बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है। वफा एजेंसी ने बताया कि इसके चलते क्षेत्र के छह सरकारी स्कूलों और एक किंडरगार्टन के लगभग 1,100 बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।

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