ईरान ने आम नागरिकों के लिए खोला सैन्य प्रशिक्षण केंद्र, हथियार से लेकर एयर डिफेंस तक की दी जा रही ट्रेनिंग

ईरान ने आम नागरिकों के लिए खोला सैन्य प्रशिक्षण केंद्र, हथियार से लेकर एयर डिफेंस तक की दी जा रही ट्रेनिंग

Iran Military Training centre: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने आम नागरिकों को मिलिट्री ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। ईरानी सेना ने राजधानी तेहरान में नागरिकों के लिए खास ट्रेनिंग सेंटर खोले हैं, जहां वॉलंटियर्स को हथियार चलाने से लेकर एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम को ऑपरेट करने तक की ट्रेनिंग दी जा रही है। ईरानी न्यूज एजेंसी WANA के अनुसार, इस डिफेंस प्रोग्राम का नाम जानफदा रखा गया है। इसका मुख्य मकसद संभावित विदेशी हमले का मुकाबला करने के लिए नागरिकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए तैयार करना है।

सेना की चारों शाखाएं बेसिक और एडवांस्ड ट्रेनिंग देंगी

सेना में ट्रेनिंग और शिक्षा के डिप्टी चीफ ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रजा अलियन नेजाद ने अल जज़ीरा को बताया कि जानफदा कैंपेन तेहरान में तीन बड़े मिलिट्री ठिकानों पर शुरू किया गया है। उन्होंने साफ किया कि ईरानी सेना की चारों शाखाओं के ट्रेंड कर्मियों को तय फील्ड गैरिसन साइटों पर तैनात किया गया है। ये इंस्ट्रक्टर सबसे पहले नागरिकों को बेसिक हथियार चलाना सिखाएंगे, जिसके बाद पार्टिसिपेंट्स एडवांस्ड मिलिट्री टैक्टिक्स और टेक्निकल कोर्स की ट्रेनिंग लेंगे।

ट्रेनिंग में VR और एयर डिफेंस भी शामिल

सेंट्रल तेहरान में इस नए सेंटर में वॉलंटियर्स को न केवल पारंपरिक हथियारों बल्कि आधुनिक युद्ध तकनीकों से जुड़ी स्किल्स भी सिखाई जा रही हैं। ट्रेनिंग करिकुलम में छोटे हथियार चलाने से लेकर एयर डिफेंस सिस्टम की समझ तक सब कुछ शामिल है।

  • छोटे हथियारों को चलाने और असेंबल करने की ट्रेनिंग
  • मैन-पोर्टेबल एयर-डिफेंस सिस्टम (MANPADS) और एयर-डिफेंस नेटवर्क की ट्रेनिंग
  • सर्विलांस और कॉम्बैट ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग
  • ऑब्सटैकल कोर्स और वर्चुअल रियलिटी (VR)-बेस्ड कॉम्बैट सिमुलेशन की ट्रेनिंग
  • शहरी सुरक्षा, फील्ड रेकी और इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन की ट्रेनिंग

1000 बटालियन तैयार करने की तैयारी

बासिज के सीनियर अधिकारी अली कोसारी ने अल जज़ीरा को बताया कि इस कैंपेन के तहत लगभग 1,000 नागरिक बटालियन तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान के बाद अगले हफ्ते से इस प्रोग्राम को देश के दूसरे प्रांतों में भी बढ़ाया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर सीधे युद्ध क्षेत्र में तैनाती संभव

ईरानी अधिकारियों ने अल जज़ीरा को बताया कि यह पूरी कवायद किसी भी संभावित हमले की स्थिति में देश की आंतरिक और सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के मकसद से की जा रही है। बसीज अधिकारी कोसारी ने यह भी साफ किया कि जो वॉलंटियर एडवांस्ड लेवल की ट्रेनिंग पूरी कर लेंगे, उन्हें जरूरत पड़ने पर एक्टिव ऑपरेशनल इलाकों और फ्रंट लाइन पर तैनात किया जा सकता है।

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