ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच इराक का बड़ा फैसला, कहा- अब अपनी जमीन से किसी को भी हमला करने की इजाजत नहीं देंगे

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच इराक का बड़ा फैसला, कहा- अब अपनी जमीन से किसी को भी हमला करने की इजाजत नहीं देंगे

Middle-East Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में इराक ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। इराक के राष्ट्रपति निजार अमिदी ने कहा है कि उनके देश की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमला करने के लिए नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इराक सबसे पहले आता है।

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है…जब पूरा मिडिल-ईस्ट तनाव के दौर से गुजर रहा है। इराक पहले भी इसका असर झेल चुका है। अब बगदाद किसी नए युद्ध में फंसना नहीं चाहता। उसका जोर देश की सुरक्षा, संप्रभुता और आर्थिक हितों पर है। इसलिए सरकार का पहला लक्ष्य देश को किसी नए संघर्ष में शामिल होने से रोकना है।

राष्ट्रपति ने हथियारों पर सरकारी नियंत्रण की भी बात कही। उन्होंने कहा कि संविधान के मुताबिक हथियार सिर्फ सरकार के हाथ में होने चाहिए। उन्होंने हथियारबंद गुटों से भी हथियार छोड़ने की अपील की।

ईरान के साथ रिश्ते पर क्या बोले राष्ट्रपति निजार अमिदी

ईरान और इराक के बीच लंबे समय से करीबी रिश्ते हैं। इसके बावजूद राष्ट्रपति ने साफ किया कि इराक अपने फैसले खुद लेगा। राष्ट्रपति ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ से बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की समीक्षा को लेकर ईरान को संदेश दिया गया है।

ईरानी स्पीकर ने भी कहा कि उनका देश इराक के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा कि इराकी पक्ष के भीतर संविधान और देश की संप्रभुता के दायरे में बनी सहमति का ईरान समर्थन करेगा। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सीमा सुरक्षा को लेकर एक बड़े समझौते पर भी चर्चा हुई है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाने की बात सामने आई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी नजर

इराक के लिए सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, आर्थिक हित भी बेहद अहम हैं। देश के तेल कारोबार पर क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर पड़ सकता है।राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अहमियत पर भी जोर दिया। इसी रास्ते से इराकी तेल ले जाने वाले कई टैंकर गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग का असर सिर्फ इराक पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

इराक सरकार अब अपनी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। सरकार कैबिनेट को पूरा करने और जरूरी कानून पास कराने की तैयारी में भी जुटी है। इनमें तेल और गैस कानून को सबसे अहम बताया गया है। कुल मिलाकर, इराक का संदेश साफ है। वह ईरान-अमेरिका तनाव में किसी पक्ष का युद्धक्षेत्र नहीं बनना चाहता। बगदाद अपनी जमीन, हथियारों और विदेश नीति पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

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