जंग के दौरान तबाह हुईं तेल रिफाइनरी को ईरान तेजी से ठीक करने में जुटा है। दो साल पहले ईरान के 4 रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया था। इसमें साउथ पार्स गैस फील्ड भी शामिल था। हमले के बाद यह रिफाइनरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
अब वहां रिकवरी का काम जोरों पर चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरा काम तीन साल के बजाय सिर्फ दो साल में खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
साल के अंत तक पूरा होगा काम
पार्स ऑयल एंड गैस कंपनी के सीईओ तूराज देहकानी ने ताजा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि फेज 14 रिफाइनरी में रिकवरी 70 फीसदी पूरी हो चुकी है। यह काम ईरानी कैलेंडर साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
जंग के तुरंत बाद ही यहां मरम्मत शुरू कर दी गई थी। सबसे ज्यादा नुकसान तीसरी और चौथी रिफाइनरी को हुआ था। इन दोनों जगहों पर भी काम चल रहा है।
दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड्स में से एक है साउथ पार्स
देहकानी के मुताबिक, शुरुआत में अनुमान था कि पूरा पुनर्निर्माण कम से कम तीन साल लेगा। लेकिन अब अधिकारी दो साल के अंदर सब कुछ पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
साउथ पार्स दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड्स में से एक है। यह ईरान की ऊर्जा सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है। जंग में इन रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा तो उत्पादन प्रभावित हुआ। लेकिन कंपनी ने तुरंत काम शुरू कर दिया। फेज 14 में अच्छी प्रगति देखकर बाकी जगहों पर भी रफ्तार बढ़ाई जा रही है।
जल्द से जल्द उत्पादन क्षमता वापस लाने पर जोर
देहकानी ने कहा कि चारों प्रभावित रिफाइनरियों में से तीसरी और चौथी सबसे ज्यादा प्रभावित थीं। वहां भारी नुकसान हुआ था। फिर भी टीम लगातार काम कर रही है। शुरुआती अनुमान से बेहतर नतीजे आने लगे हैं। इसी वजह से समयसीमा घटाई गई है।
ईरान के तेल मंत्रालय की खबर एजेंसी शाना ने यह जानकारी दी। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि जल्दी से जल्दी उत्पादन क्षमता वापस लाई जाए। गैस फील्ड की रिकवरी से न सिर्फ घरेलू जरूरतें पूरी होंगी बल्कि निर्यात में भी मदद मिलेगी।


Iran’s military chief visited an underground ballistic missile production facility, highlighting a significant increase in weapons output since the war began: