Israel Election Results: इजराइल के आम चुनाव में किसी भी खेमे को बहुमत नहीं मिला है। सत्ता की चाबी अब अरब दलों के हाथ में दिखाई दे रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट के बीच सत्ता साझा करने की खबर से सियासी हलचल तेज हो गई है। करीब 90 फीसदी मतगणना के बाद 120 सदस्यीय नेसेट में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले खेमे के पास 53 सीटें हैं, जो 61 के बहुमत से आठ कम हैं। आइजेनकोट के खेमे को 48 सीटें मिली हैं, जबकि अरब-प्रधान दलों के पास रिकॉर्ड 19 सीटें हैं। नेतन्याहू की लिकुड 26 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है और आइजेनकोट की यशर को 21 सीटें मिली हैं।
इजराइली मीडिया के मुताबिक नेतन्याहू करीब दो साल प्रधानमंत्री रहकर आइजेनकोट को कमान सौंपेंगे। बदले में वे राजनीति से संन्यास लेंगे और भ्रष्टाचार के मामलों में उन्हें पूर्ण माफी मिलेगी। दावा है कि राष्ट्रपति इसाक हरजोग इस फॉर्मूले को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे सिरे से खारिज करते हुए ‘पूरी तरह झूठ’ बताया। कार्यालय के अनुसार आधिकारिक नतीजे अगले चार नवंबर को हरजोग को सौंपे जाएंगे। इसके बाद वे दलों से बात कर तय करेंगे कि सरकार बनाने का जिम्मा किसे दें। इजेनकोट नेतन्याहू के अधीन काम करने से, रोटेशन वाली सरकार में भी, पहले ही इनकार कर चुके हैं।
नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए बनाएंगे रास्ताः यूसुफ
अरब दलों की संयुक्त सूची के प्रमुख यूसुफ जबारीन ने कहा कि उनकी पार्टी नेतन्याहू सरकार को हटाने का रास्ता बनाने को तैयार है। सांसद अहमद तिबी ने आइजेनकोट से ‘साहस दिखाने’ को कहा। विपक्ष के बड़े दल अरब दलों के साथ सरकार बनाने से इनकार कर चुके हैं, पर बाहर से मिला समर्थन आइजेनकोट को अल्पमत सरकार का रास्ता दे सकता है। डेमोक्रेट्स के नेता याइर गोलन ने अरब दलों के सहयोग से सरकार बनाने की खुली अपील की है।
नेतन्याहू ने लगाए गंभीर आरोप
उधर, नेतन्याहू ने अरब दलों को घेर लिया। लिकुड ने बयान जारी कर कहा कि चुनाव अरब दलों ने रिश्वत, धमकी, हिंसा, जालसाजी और प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के जरिए ‘चुराया’। पार्टी ने पुलिस और शिन बेट से जांच की मांग की। उधर, अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके समर्थन से नेतन्याहू को ‘बहुत मदद’ मिली। उन्होंने नतीजों को ‘गतिरोध या जीत’ जैसा बताया।
आगे के चार रास्ते
आइजेनकोट की अल्पमत सरकार: अरब दल बाहर से समर्थन दें तो विपक्ष के 48 और अरब दलों के 19 मिलाकर करीब 67 का आंकड़ा बनता है। सरकार कमजोर रहेगी, अविश्वास प्रस्ताव का खतरा बना रहेगा।
नेतन्याहू का विस्तारित गठबंधन: विपक्षी दलों से सेंधमारी करनी होगी, पर सहयोगियों से समझौते करने पड़ेंगे।
साझा सत्ता: इसे आइजेनकोट और राष्ट्रपति कार्यालय दोनों नकार रहे हैं।
दोबारा चुनाव: इजराइल में अप्रैल 2019 से नवंबर 2022 के बीच पांच चुनाव हो चुके हैं।

