लखनऊ के इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित बृज की रसोई के अंतर्गत प्रत्येक रविवार की तरह आशियाना में जरूरतमंद, निराश्रित एवं असहाय लोगों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा का आयोजन किया गया। इस बार लगभग 2000 बच्चों, बुजुर्गों एवं श्रमिकों को श्रद्धा और सम्मान के साथ भोजन कराया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूरे अपनत्व के साथ लोगों को भोजन कराया। किसी के चेहरे की भूख मिटने की संतुष्टि और किसी की आंखों में झलकती कृतज्ञता ने सेवा के वास्तविक अर्थ को जीवंत कर दिया। सेवा के दौरान स्वयंसेवकों ने मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से सहभागिता की। संस्था के संस्थापक विपिन कुमार शर्मा ने कहा कि किसी जरूरतमंद की थाली तक सम्मानपूर्वक भोजन पहुंचना ही सच्ची मानव सेवा है। हमारा संकल्प है कि शहर में कोई भूखा न सोये। इसी भावना के साथ हमारा सेवा प्रकल्प बृज की रसोई प्रत्येक रविवार मानवता की इस छोटी-सी ज्योति को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सेवाभावी स्वयंसेवकों के प्रति संस्था ने कृतज्ञता व्यक्त की। आशीष श्रीवास्तव ने समाज के सक्षम नागरिकों से इस सेवा अभियान से जुड़कर भूखे तक भोजन और जरूरतमंद तक अपनत्व पहुंचाने में सहयोग का आह्वान किया। अनुराग दुबे ने बताया कि सेवा अभियान के सफल संचालन में अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

