गाजीपुर में पॉक्सो कोर्ट ने आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आजमगढ़ निवासी कृष्ण दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राम प्रकाश प्रसाद ने बुधवार शाम करीब 5 बजे यह फैसला सुनाया। दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को उसके इलाज और पुनर्वास के लिए दी जाएगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह घटना 17 फरवरी 2023 की है। उस दिन बच्ची दोपहर करीब एक बजे पढ़ाई कर घर लौटी थी। आरोप है कि दोपहर करीब 3 बजे कृष्ण दुबे उसे बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसे दोबारा अपने पास आने के लिए कहा। घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने 17 फरवरी को ही गहमर थाने में FIR दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रामकुमार राय और उनकी टीम ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत सुनवाई की। पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि अगर दोषी एक लाख रुपये का जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में शामिल करने का भी आदेश दिया गया है। कोर्ट ने वारंट तैयार कर दोषी को जिला कारागार भेजने और फैसले की कॉपी मुफ्त में देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को मिलेगी। इसका उपयोग उसके इलाज और पुनर्वास की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।

