आगरा में शनिवार को जिला कोर्ट और तहसील स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार मलिक ने दीप प्रज्वलित कर अदालत का शुभारंभ किया। इस दौरान एक ही दिन में कुल 6 लाख 76 हजार 335 वादों का निस्तारण किया गया। सुबह से ही कोर्ट परिसर में वादकारियों की भीड़ रही। सुलह-समझौते के आधार पर मामलों को निपटाया गया। आम लोगों की सुविधा के लिए कोर्ट में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली, अपर जिला जज पुष्कर उपाध्याय, नोडल अधिकारी अमरजीत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार सहित सभी न्यायिक अधिकारी, बैंक और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। किस कोर्ट में कितने केस निपटे जिला न्यायालय स्तर पर जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में 4 और अन्य अपर जिला जज कोर्ट में 1365 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 4 करोड़ 42 लाख 35 हजार रुपए की धनराशि अधिरोपित की गई। परिवार न्यायालयों ने 86 दंपतियों के विवाद सुलह से खत्म कराए। सबसे बड़ी राहत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मिली। पीठासीन अधिकारी रामविलास की कोर्ट ने 140 मामलों में पीड़ितों को 30 करोड़ 10 लाख 95 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई। सीजेएम, एसीजेएम, सिविल जज और मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मिलकर 13 हजार 222 केस निपटाए। उपभोक्ता फोरम की दो कोर्ट में 37 और वर्चुअल कोर्ट में 1 लाख 53 हजार 275 ई-चालानों का निपटारा हुआ। तहसील और प्री-लिटिगेशन में सबसे ज्यादा केस जिला कोर्ट के अलावा तहसील, ब्लॉक, पुलिस आयुक्त कार्यालय, यातायात, ग्रीन गैस, बीएसएनएल, टोरंट पावर और फाइनेंस कंपनियों से जुड़े 5 लाख 6 हजार 915 मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। बैंकों के प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बड़ी सफलता मिली। एसबीआई, यूको, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, पीएनबी, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों के 1341 मामलों में समझौता हुआ। इसमें 11 करोड़ 97 लाख 74 हजार रुपए की समझौता राशि तय हुई।

