गोपालगंज के विश्मभरपुर थाना क्षेत्र के तिवारी मटिहनिया गांव निवासी 38 वर्षीय मजदूर चांद मोहम्मद की आंध्र प्रदेश में भाषा विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि 8 सितंबर की रात येर्रागुंटा गेट, कानेकल मंडल, अनंतपुरमु में विवाद के दौरान आरोपी ने वेल्डिंग दुकान में रखे लोहे के पाइप से चांद के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चांद को इलाज के लिए बल्लारी के VIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने और ठेकेदार द्वारा इलाज कराने से इनकार करने के बाद परिजन उसे गोपालगंज ला रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। दो साल से पुणे में रह रहा था परिवार चांद मोहम्मद पिछले करीब दो साल से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुणे में किराए के मकान में रह रहा था। वह वेंडर का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दस दिन पहले एक ठेकेदार उसे वेल्डिंग का काम कराने के लिए आंध्र प्रदेश के येर्रागुंटा गेट स्थित एक वेल्डिंग दुकान पर ले गया था। भाषा को लेकर हुआ विवाद बताया गया है कि 8 सितंबर की रात चांद मोहम्मद और आरोपी के बीच भाषा को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आरोपी ने दुकान में रखे लोहे के पाइप से चांद के सिर पर हमला कर दिया। खून से लथपथ दुकान के बाहर छोड़ा हमले में चांद गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उसे दुकान के सामने घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। देर रात घायल पड़े रहने के बाद अगली सुबह स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी। ग्रामीणों ने दुकानदार को दी सूचना 9 सितंबर की सुबह येर्रागुंटा गांव के कुछ लोगों ने चांद को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। लोगों ने इसकी सूचना दुकान मालिक महबूब बाशा को दी। इसके बाद घायल को एंबुलेंस से बल्लारी स्थित VIMS अस्पताल ले जाया गया। पत्नी को दुकानदार ने दी जानकारी घटना की जानकारी दुकानदार एरुर महबूब बाशा ने चांद की पत्नी रजिया खातून को दी। सूचना मिलने के बाद रजिया अपने रिश्तेदारों के साथ कानेकल पुलिस स्टेशन पहुंचीं और घटना की शिकायत दर्ज कराई। इलाज कराने से ठेकेदार ने किया इनकार परिजनों का आरोप है कि चांद के घायल होने के बाद ठेकेदार ने उसका इलाज कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन उसे अपने गृह जिले गोपालगंज लेकर लौटने लगे। इसी दौरान रास्ते में चांद की मौत हो गई। चांद की मौत के बाद परिजन शव लेकर गोपालगंज के मॉडल अस्पताल पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। एक माह पहले हुई थी मां की मौत परिजनों के मुताबिक चांद की मां की भी करीब एक महीने पहले बीमारी से मौत हुई थी। अब बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में पहले मां की मौत का गम था और अब कमाऊ सदस्य की हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पांच बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी थी चांद मोहम्मद परिवार का अकेला कमाऊ सदस्य बताया जा रहा है। उसके पीछे पत्नी रजिया खातून, पांच बच्चे, दो भाई और एक बहन हैं। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा पूरा घटनाक्रम फिलहाल परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। भाषा विवाद में हमला क्यों हुआ, आरोपी कौन था, ठेकेदार की भूमिका क्या रही और घटना के बाद घायल को समय पर बेहतर इलाज क्यों नहीं मिला—इन बिंदुओं पर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। गोपालगंज के विश्मभरपुर थाना क्षेत्र के तिवारी मटिहनिया गांव निवासी 38 वर्षीय मजदूर चांद मोहम्मद की आंध्र प्रदेश में भाषा विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि 8 सितंबर की रात येर्रागुंटा गेट, कानेकल मंडल, अनंतपुरमु में विवाद के दौरान आरोपी ने वेल्डिंग दुकान में रखे लोहे के पाइप से चांद के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चांद को इलाज के लिए बल्लारी के VIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने और ठेकेदार द्वारा इलाज कराने से इनकार करने के बाद परिजन उसे गोपालगंज ला रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। दो साल से पुणे में रह रहा था परिवार चांद मोहम्मद पिछले करीब दो साल से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुणे में किराए के मकान में रह रहा था। वह वेंडर का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दस दिन पहले एक ठेकेदार उसे वेल्डिंग का काम कराने के लिए आंध्र प्रदेश के येर्रागुंटा गेट स्थित एक वेल्डिंग दुकान पर ले गया था। भाषा को लेकर हुआ विवाद बताया गया है कि 8 सितंबर की रात चांद मोहम्मद और आरोपी के बीच भाषा को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आरोपी ने दुकान में रखे लोहे के पाइप से चांद के सिर पर हमला कर दिया। खून से लथपथ दुकान के बाहर छोड़ा हमले में चांद गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उसे दुकान के सामने घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। देर रात घायल पड़े रहने के बाद अगली सुबह स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी। ग्रामीणों ने दुकानदार को दी सूचना 9 सितंबर की सुबह येर्रागुंटा गांव के कुछ लोगों ने चांद को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। लोगों ने इसकी सूचना दुकान मालिक महबूब बाशा को दी। इसके बाद घायल को एंबुलेंस से बल्लारी स्थित VIMS अस्पताल ले जाया गया। पत्नी को दुकानदार ने दी जानकारी घटना की जानकारी दुकानदार एरुर महबूब बाशा ने चांद की पत्नी रजिया खातून को दी। सूचना मिलने के बाद रजिया अपने रिश्तेदारों के साथ कानेकल पुलिस स्टेशन पहुंचीं और घटना की शिकायत दर्ज कराई। इलाज कराने से ठेकेदार ने किया इनकार परिजनों का आरोप है कि चांद के घायल होने के बाद ठेकेदार ने उसका इलाज कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन उसे अपने गृह जिले गोपालगंज लेकर लौटने लगे। इसी दौरान रास्ते में चांद की मौत हो गई। चांद की मौत के बाद परिजन शव लेकर गोपालगंज के मॉडल अस्पताल पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। एक माह पहले हुई थी मां की मौत परिजनों के मुताबिक चांद की मां की भी करीब एक महीने पहले बीमारी से मौत हुई थी। अब बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में पहले मां की मौत का गम था और अब कमाऊ सदस्य की हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पांच बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी थी चांद मोहम्मद परिवार का अकेला कमाऊ सदस्य बताया जा रहा है। उसके पीछे पत्नी रजिया खातून, पांच बच्चे, दो भाई और एक बहन हैं। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा पूरा घटनाक्रम फिलहाल परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। भाषा विवाद में हमला क्यों हुआ, आरोपी कौन था, ठेकेदार की भूमिका क्या रही और घटना के बाद घायल को समय पर बेहतर इलाज क्यों नहीं मिला—इन बिंदुओं पर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

