गुवाहाटी, सात अक्टूबर असम पुलिस ने बुधवार को बताया कि गुवाहाटी में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के रह रहे कुल 18 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, इनमें से पांच लोगों को मंगलवार को पश्चिमी भारत की ओर जाते समय पकड़ा गया, जबकि 13 अन्य को बुधवार को अपने देश लौटने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया। पुलिस ने एक बयान में बताया कि बुधवार को विशेष सूचना के आधार पर शहर के एक होटल में चलाए गए अभियान के दौरान चार महिलाओं और पांच बच्चों समेत 13 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया।
बयान में कहा गया, ‘‘वे बुधवार सुबह दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचे थे और बांग्लादेश वापस जाना चाहते थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे पिछले 14-15 वर्ष से श्रीनगर के पंथा चौक के पास भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और श्रीनगर पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद वे वहां से निकलकर अपने मूल देश लौटने के लिए गुवाहाटी पहुंचे।’’
पुलिस ने बताया कि उन्हें भारत से बाहर भेजने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक अन्य अभियान में मंगलवार को गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस से चार महिलाओं समेत पांच अवैध प्रवासियों को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, वे रोजगार की तलाश में देश के पश्चिमी हिस्से की ओर जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक महिला पहले भारत आई थी और उसने गुजरात के एक व्यक्ति से शादी की थी। पुलिस ने बताया कि ये लोग मेघालय से लगी भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा के रास्ते बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए थे और गुवाहाटी के एक होटल में ठहरे थे।
पुलिस ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को आश्रय देने और उनकी यात्रा में मदद करने के आरोप में होटल के मालिक समेत चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

