अलवर में आईटीआई करने वाले युवाओं के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें नए ट्रेड में प्रवेश के लिए जयपुर या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अभी तक यहां करीब 18 ट्रेड संचालित हो रहे हैं, अब नए भवन बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर लगभग 22 हो जाएगी। ये सभी ट्रेड करीब तीन साल पहले स्वीकृत हुए थे, लेकिन भवन के अभाव में दूसरे स्थानों पर चल रहे थे, जिससे इनमें एक भी प्रवेश नहीं हो पाया। अब भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इनका संचालन अलवर में ही होगा। इधर, कठूमर में आईटीआई स्वीकृत है लेकिन जगह ना मिलने के कारण यहां पर आईटीआई का भवन नही बन पाया है।
नए ट्रेड और उनकी उपयोगिता
मैकेनिक ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स: यह ट्रेड पहले तिजारा में संचालित हो रही थी, लेकिन अब अलवर में शुरू होगी। इसके लिए सवा दो करोड़ की लागत से भवन तैयार हो रहा है। आज के समय में वाहनों में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (सेंसर, ECU, बैटरी मैनेजमेंट आदि) तेजी से बढ़ रहे हैं। इस ट्रेड के छात्र ऑटोमोबाइल सेक्टर में आसानी से नौकरी पा सकते हैं या खुद का वर्कशॉप शुरू कर सकते हैं।
प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर
यह ट्रेड भवन ना होने के कारण पहले जयपुर में चल रही थी, अब आईटीआई परिसर में सवा करोड़ की लागत से भवन तैयार हो रहा है। प्लास्टिक इंडस्ट्री मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का बड़ा हिस्सा है। इस ट्रेड के माध्यम से छात्र फैक्ट्री, प्रोडक्शन यूनिट और इंडस्ट्रियल प्लांट्स में रोजगार पा सकते हैं।
सोलर टेक्नीशियन
यह ट्रेड पहले से चल रही है, लेकिन जगह की कमी के कारण छात्रों को परेशानी हो रही थी। अब 33.53 लाख रुपये से भवन तैयार किया जा रहा है। रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इस ट्रेड के छात्र सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और एनर्जी सेक्टर में अच्छा करियर बना सकते हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रेड
यह नई ट्रेड बजट 2026-27 में स्वीकृत हुई है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस ट्रेड के जरिए छात्र भविष्य की टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञ बनकर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं। बजट घोषणा 2024-25 में फाइबर टू होम ट्रेड भी यहां सेशन है, लेकिन भवन ना होने के कारण अभी तक एडमिशन की सेंशन नही मिली। अब भवन के लिए 21.97 लाख का बजट मिला है। इसके बाद प्रवेश भी शुरू हो जाएंगे।
तीन ट्रेड पहले ही स्वीकृत थी लेकिन भवन नहीं था, एक ट्रेड इसी साल स्वीकृत हुई है। अब आईटीआई परिसर में तीन ट्रेड का भवन बन रहा है, एक नए ट्रेड ईवी के लिए वित्तिय स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही इसका भवन भी बनेगा। इन ट्रेड के अलवर में शुरू होने से अलवर के युवाओं को अपने ही शहर में आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा मिलेगी। इससे न केवल उनका समय और खर्च बचेगा, बल्कि उन्हें भविष्य के उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने का बेहतर मौका भी मिलेगा – मनोज अग्रवाल, प्रिंसिपल, आईटीआई, अलवर


