अररिया में सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण:25 शिक्षक मिले अनुपस्थित, टीचर-स्टूडेंट्स अटेंडेंस रजिस्टर का किया जांच

अररिया में सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण:25 शिक्षक मिले अनुपस्थित, टीचर-स्टूडेंट्स अटेंडेंस रजिस्टर का किया जांच

अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर बुधवार को सभी पंचायतों के सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 25 शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी के आदेश पर इन शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकार की मध्याह्न भोजन योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना था। इसके लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्र आवंटित किए गए थे। डेली रजिस्टरों का किया जांच निरीक्षण टीमों ने विद्यालयों में शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर, छात्र उपस्थिति, नामांकित छात्रों की तुलना में वास्तविक हाजिरी का प्रतिशत, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, खाद्यान्न आपूर्ति, भंडारण और दैनिक उपभोग रजिस्टरों का सत्यापन किया। इसके अतिरिक्त, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की सक्रियता और कक्षा संचालन की स्थिति सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी जांच की गई। लापरवाही मिलने वाले विद्यालयों को कार्रवाई का दिया संकेत निरीक्षण में कई स्कूलों की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिन्हें बेहतर प्रदर्शन जारी रखने के निर्देश दिए गए। जिन विद्यालयों में लापरवाही या अनियमितता मिली, वहां सख्त कार्रवाई का संकेत दिया गया। सभी पदाधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी विनोद दूहन को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। अनुपस्थिति और अनियमितताओं पर सख्ती से निपटा जाएगा, जबकि अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल को जिले में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे नियमित निरीक्षण जारी रखने का संकेत दिया है। अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर बुधवार को सभी पंचायतों के सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 25 शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी के आदेश पर इन शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकार की मध्याह्न भोजन योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना था। इसके लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्र आवंटित किए गए थे। डेली रजिस्टरों का किया जांच निरीक्षण टीमों ने विद्यालयों में शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर, छात्र उपस्थिति, नामांकित छात्रों की तुलना में वास्तविक हाजिरी का प्रतिशत, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, खाद्यान्न आपूर्ति, भंडारण और दैनिक उपभोग रजिस्टरों का सत्यापन किया। इसके अतिरिक्त, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की सक्रियता और कक्षा संचालन की स्थिति सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी जांच की गई। लापरवाही मिलने वाले विद्यालयों को कार्रवाई का दिया संकेत निरीक्षण में कई स्कूलों की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिन्हें बेहतर प्रदर्शन जारी रखने के निर्देश दिए गए। जिन विद्यालयों में लापरवाही या अनियमितता मिली, वहां सख्त कार्रवाई का संकेत दिया गया। सभी पदाधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी विनोद दूहन को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। अनुपस्थिति और अनियमितताओं पर सख्ती से निपटा जाएगा, जबकि अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल को जिले में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे नियमित निरीक्षण जारी रखने का संकेत दिया है।  

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