अयोध्या राम मंदिर को जल्द मिलेगा पहला सीईओ, चयन समिति ट्रस्ट को सौंपेगी 3 नाम

अयोध्या राम मंदिर को जल्द मिलेगा पहला सीईओ, चयन समिति ट्रस्ट को सौंपेगी 3 नाम

अयोध्या, एक सितंबर राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन के लिए गठित समिति श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तीन नामों की सूची सौंप सकती है। मंदिर के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मणिरामदास छावनी स्थित आवास पर बुधवार को होने वाली बैठक में मंदिर के पहले सीईओ के चयन पर फैसला होने की संभावना है।

चयन समिति के सदस्य सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावरे अयोध्या पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को ट्रस्ट में तीन रिक्त पदों-(दो सदस्यों और महासचिव)-के लिए भी नामों की घोषणा की जा सकती है। ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन तथा चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे से ये तीन पद रिक्त हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार मंदिर ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली बैठक में सचिव पद के बारे में भी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि जगदीश आफले मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। महाराष्ट्र के रहने वाले आफले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं और राम मंदिर निर्माण परियोजना के परियोजना प्रबंधक हैं।

पुणे निवासी आफले ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-(आईआईटी) बंबई से एमटेक किया है। बताया जाता है कि उन्होंने भारत, यूरोप और अमेरिका में काम किया तथा सेवानिवृत्ति के बाद भारत लौट आए। सूत्रों के मुताबिक, आफले ने आरएसएस की सिफारिश पर राम मंदिर निर्माण परियोजना में मानद परियोजना प्रबंधक के रूप में काम शुरू किया था।

तब से वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में रह रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा को भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है। मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि से जब पूछा गया कि क्या बुधवार को नए सीईओ के नाम की घोषणा होगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘यह ट्रस्ट को तय करना है।

मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा, लेकिन ट्रस्टी बोर्ड यह फैसला करेगा कि ऐसा करना है या नहीं।’’
गिरि ने कहा, ‘‘हमने इस तीन सदस्यीय चयन समिति से मार्गदर्शन इसलिए मांगा था क्योंकि हम इतने बड़े और विश्वप्रसिद्ध मंदिर का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए एक उत्कृष्ट सीईओ की तलाश में थे।’’
उन्होंने बताया कि समिति को करीब 5,500 आवेदन मिले थे। पहले 3,000 आवेदनों को छांटा गया, फिर 1,500 उम्मीदवारों को सूची में रखा गया और अंत में 16 लोगों का व्यक्तिगत रूप से साक्षात्कार लिया गया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने छह जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का फैसला किया था।

ट्रस्ट ने स्वीकार किया था कि चढ़ावे की चोरी से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है। श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल करने का संकल्प लेते हुए ट्रस्ट ने सीईओ के चयन के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति गठित की थी। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावरे शामिल हैं।

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