अमृतसर में गोल्डेन टेंपल में मत्था टेकने आए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता ईमान सिंह मान से मुलाकात की। नेताओं ने अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एशिया मामलों के प्रमुख सहित एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलकर एक विस्तृत मांगपत्र (मेमोरेंडम) सौंपा। इस मांग पत्र में सिख समुदाय से जुड़े धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और मानवाधिकार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके साथ ही सिखों के मुद्दों को उठाने के लिए अमेरिकी सरकार का धन्यवाद किया गया। दौरान एसजीपीसी के प्रधान धामी मौजूद रहे। उन लोगों ने एसजीपीसी के चुनाव का मुद्दा उठाया अमेरिकी सरकरा का मानवाधिकारों को लेकर धन्यवाद मुलाकात के दौरान ईमान सिंह मान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिखों के मानवाधिकारों और धार्मिक आजादी के मुद्दों को उठाने के लिए अमेरिकी सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने सिख कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़ी कथित हत्या की साजिश के बहुचर्चित मामले का भी उल्लेख किया। डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की वकालत ईमान सिंह मान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत और पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक सैन्य तनाव पैदा हो गया था, जिसे ट्रंप प्रशासन के कूटनीतिक प्रयासों ने पूर्ण युद्ध में बदलने से रोका। सिंधु जल संधि और TAPI परियोजना पर जोर मांगपत्र में क्षेत्रीय आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों को रेखांकित करते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) का विषय उठाया गया। मान ने कहा कि इस संधि पर किसी भी प्रकार का विपरीत प्रभाव पड़ने से पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, उन्होंने तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (TAPI) गैस पाइपलाइन परियोजना के काम को तेज करने की मांग की, ताकि पंजाब में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर बन सकें। SGPC के लंबित चुनाव जल्द कराने की मांग मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की आम चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी का मुद्दा भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में लोकतांत्रिक ढंग से स्थापित इस संस्था के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं, जिससे सिखों से जुड़े कई अहम धार्मिक मामले प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इन चुनावों को शीघ्र कराने की मांग की। बंदी सिखों की रिहाई और मानवाधिकार उन्होंने विभिन्न जेलों में निरुद्ध ‘बंदी सिखों’ की रिहाई का मुद्दा उठाते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा उठाए गए मामलों का हवाला दिया। मान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के तहत आत्मनिर्णय के अधिकार (Right to Self-Determination) का उल्लेख करते हुए सिखों के अधिकारों और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाने की अपील की।

