अमेरिकी टैक्सपेयर के पैसे की रिसर्च पर चीन की नजर: US हाउस कमिटी ने SIRA एक्ट पास करने की लगाई गुहार

अमेरिकी टैक्सपेयर के पैसे की रिसर्च पर चीन की नजर: US हाउस कमिटी ने SIRA एक्ट पास करने की लगाई गुहार

US House Select Committee on CCP: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House) की सिलेक्ट कमिटी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से जुड़े खतरों को देखते हुए अमेरिकी कांग्रेस से SIRA एक्ट (Securing Innovation and Research from Adversaries Act) को जल्द से जल्द पास करने की अपील की है। कमिटी का मानना है कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से होने वाली रिसर्च और इनोवेशन की चोरी को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है।

टैक्सपेयर के पैसे से होने वाली रिसर्च को खतरा

कमिटी के चेयरमैन जॉन मूलनार (John Moolenaar) द्वारा जारी की गई ‘हाउ टू स्टॉप चाइनाज थेफ्ट ऑफ अमेरिकाज टैक्सपेयर-फंडेड रिसर्च’ नाम की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि चीन से जुड़ी संस्थाएं अमेरिकी सरकारी फंडिंग से हो रहे वैज्ञानिक अनुसंधानों और डेटा की कथित तौर पर चोरी कर रही हैं। रिपोर्ट में नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) के महानिरीक्षक कार्यालय के 700 से अधिक पन्नों के गोपनीय खोजी रिकॉर्ड भी जारी किए गए हैं, जो कई सालों से चली आ रही इस सुरक्षा चूक को उजागर करते हैं।

SIRA एक्ट (SIRA Act) क्या है?

यह विधेयक अमेरिकी सरकार द्वारा दी जाने वाली संघीय रिसर्च फंडिंग (Federal Research Funds) के उपयोग को लेकर बेहद कड़े प्रतिबंध लागू करता है। कोई भी व्यक्ति या संस्थान अमेरिकी सरकार की प्रतिबंधित सूची (जैसे BIS एंटिटी लिस्ट या OFAC लिस्ट) में शामिल विदेशी संस्थाओं या देशों के साथ रिसर्च पार्टनरशिप नहीं कर सकेगा। इसके तहत केवल बड़ी रिसर्च ही नहीं, बल्कि डेटा शेयरिंग, सह-लेखन (Co-authorship), सामग्री हस्तांतरण (Material transfer), और छात्रों के संयुक्त पर्यवेक्षण (Joint supervision) जैसी सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रतिबंध के दायरे में आ जाएंगी।

कमिटी का तर्क और अकादमिक स्वतंत्रता

कुछ विश्लेषकों और विश्वविद्यालयों का मानना है कि इन कड़े नियमों से अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रभावित होगा और अकादमिक स्वतंत्रता (Academic freedom) पर असर पड़ेगा। हालांकि, हाउस कमिटी ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नियमों में एकरूपता और सख्त निगरानी होना अनिवार्य है। अब सबकी नजर अमेरिकी कांग्रेस पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि SIRA एक्ट को कितनी जल्दी आगे बढ़ाया जाता है। एक तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा और टैक्सपेयर के पैसे की सुरक्षा का तर्क है, तो दूसरी तरफ अकादमिक स्वतंत्रता और वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग की चिंता। इन दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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