अमेठी के मुंशीगंज स्थित इंदिरा गांधी नर्सिंग कॉलेज में GNM तृतीय वर्ष की छात्रा दीप्ति यादव की शुक्रवार दोपहर छात्रावास में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कॉलेज स्टाफ की ओर से दीप्ति की मौत को फांसी लगाकर आत्महत्या बताया गया। दीप्ति यादव सुल्तानपुर जिले के सादुल्लापुर बल्दीराय की रहने वाली थी। वह इंदिरा गांधी स्कूल एंड नर्सिंग कॉलेज में GNM तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। शाम को परिजन कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने स्टाफ से घटना की जानकारी ली। स्टाफ ने बताया कि दीप्ति ने कमरे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इसके बाद दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। दरवाजे की कुंडी टूटी नहीं मिली तो परिजनों ने जताया संदेह परिजनों का आरोप है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो कमरे के किसी भी दरवाजे की कुंडी टूटी हुई नहीं थी। इसी बात को लेकर उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रमेश यस और छात्रावास की वार्डन नेहा शुक्ला पर हत्या का संदेह जताया। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनके कॉलेज पहुंचने से पहले ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। इसके बाद मृतका की मां सुनीता ने मुंशीगंज कोतवाली में प्रिंसिपल और वार्डन के खिलाफ तहरीर दी। परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रिंसिपल और वार्डन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। CCTV फुटेज की जांच की मांग परिजनों ने पूरे मामले की गहनता से जांच कराने के साथ छात्रावास में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की भी जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV फुटेज से घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी मिल सकती है। थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

