अमृता मौत मिस्ट्री- चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी:सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग FSL भेजी गई, पुराने दस्तावेजों से लिखावट का होगा मिलान

अमृता मौत मिस्ट्री- चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी:सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग FSL भेजी गई, पुराने दस्तावेजों से लिखावट का होगा मिलान

दरभंगा जिले के जाले के तत्कालीन बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की मौत मामले में पुलिस जांच अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग पर केंद्रित है। मिठनपुरा पुलिस ने शुक्रवार को सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग जांच के लिए एफएसएल भेज दिया है। अब नोट की लिखावट का अमृता के पूर्व में लिखे दस्तावेजों से मिलान कराया जाएगा। पुलिस यह जांच रही है कि लिखावट वास्तव में अमृता की है या नहीं। FSL की विशेषज्ञ रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सुसाइड से जुड़े पहलुओं की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। 30 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी पुलिस अब मामले में 30 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। बीते गुरुवार को सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने केस के आईओ दारोगा ऋतुराज के साथ जांच की समीक्षा की थी। इस दौरान केस के विभिन्न बिंदुओं पर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस मौत से जुड़े अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों को भी केस डायरी में शामिल कर रही है। FSL से मिलने वाली हैंडराइटिंग रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा होगी। मोबाइल बातचीत का ऑडियो भी बनेगा साक्ष्य पुलिस के अनुसार, आरोपी बीडीओ मनोज कुमार और अमृता के परिवार के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो भी केस में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। मृतका के परिजनों की ओर से पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संबंध में पुलिस की ओर से 65बी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि उन्हें केस की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। भाई के आवेदन पर दर्ज हुई थी FIR अमृता के भाई राज कुमार ने 5 जुलाई को मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन के अनुसार, अमृता की शादी 9 दिसंबर 2022 को पियर थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी मनोज कुमार से हुई थी। शादी के बाद वह पति के साथ बेला रोड इलाके में रहती थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से अमृता को 10 लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। भाई ने अमृता की मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे। महिला दरोगा पर भी लगाया गया था आरोप FIR में मनोज कुमार पर सुरसंड की रहने वाली एक महिला दरोगा से संबंध होने का भी आरोप लगाया गया था। परिवार का आरोप था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अमृता को पति की दूसरी शादी की धमकी भी दी जाती थी। परिजनों के अनुसार, 3 जुलाई की रात करीब दो बजे अमृता की मौत की सूचना मिली थी। भाई ने आरोप लगाया था कि उसे जहर देकर मार दिया गया। मामले में पुलिस ने मनोज कुमार और महिला दारोगा को गिरफ्तार किया था। बाद में महिला दारोगा को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया, जबकि मनोज कुमार को जेल भेज दिया गया था। मनोज की जमानत अर्जी भी कोर्ट से खारिज हो चुकी है। अब पुलिस FSL की हैंडराइटिंग रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल कर 30 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। दरभंगा जिले के जाले के तत्कालीन बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की मौत मामले में पुलिस जांच अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग पर केंद्रित है। मिठनपुरा पुलिस ने शुक्रवार को सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग जांच के लिए एफएसएल भेज दिया है। अब नोट की लिखावट का अमृता के पूर्व में लिखे दस्तावेजों से मिलान कराया जाएगा। पुलिस यह जांच रही है कि लिखावट वास्तव में अमृता की है या नहीं। FSL की विशेषज्ञ रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सुसाइड से जुड़े पहलुओं की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। 30 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी पुलिस अब मामले में 30 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। बीते गुरुवार को सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने केस के आईओ दारोगा ऋतुराज के साथ जांच की समीक्षा की थी। इस दौरान केस के विभिन्न बिंदुओं पर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस मौत से जुड़े अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों को भी केस डायरी में शामिल कर रही है। FSL से मिलने वाली हैंडराइटिंग रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा होगी। मोबाइल बातचीत का ऑडियो भी बनेगा साक्ष्य पुलिस के अनुसार, आरोपी बीडीओ मनोज कुमार और अमृता के परिवार के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो भी केस में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। मृतका के परिजनों की ओर से पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संबंध में पुलिस की ओर से 65बी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि उन्हें केस की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। भाई के आवेदन पर दर्ज हुई थी FIR अमृता के भाई राज कुमार ने 5 जुलाई को मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन के अनुसार, अमृता की शादी 9 दिसंबर 2022 को पियर थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी मनोज कुमार से हुई थी। शादी के बाद वह पति के साथ बेला रोड इलाके में रहती थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से अमृता को 10 लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। भाई ने अमृता की मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे। महिला दरोगा पर भी लगाया गया था आरोप FIR में मनोज कुमार पर सुरसंड की रहने वाली एक महिला दरोगा से संबंध होने का भी आरोप लगाया गया था। परिवार का आरोप था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अमृता को पति की दूसरी शादी की धमकी भी दी जाती थी। परिजनों के अनुसार, 3 जुलाई की रात करीब दो बजे अमृता की मौत की सूचना मिली थी। भाई ने आरोप लगाया था कि उसे जहर देकर मार दिया गया। मामले में पुलिस ने मनोज कुमार और महिला दारोगा को गिरफ्तार किया था। बाद में महिला दारोगा को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया, जबकि मनोज कुमार को जेल भेज दिया गया था। मनोज की जमानत अर्जी भी कोर्ट से खारिज हो चुकी है। अब पुलिस FSL की हैंडराइटिंग रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल कर 30 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।  

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