अमरोहा में करीब पांच साल पुराने दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति को दोषी मानते हुए सात साल की जेल और सात हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने यह फैसला सुनाया। फैसला आते ही जमानत पर चल रहे आरोपी पति सतपाल सिंह को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। वहीं, पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर उसके पिता खचेड़ू, मां कुंता देवी और रिश्तेदार तेजपाल सिंह को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के मुताबिक, मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर निवासी बाबूराम सिंह ने अपनी बेटी सुमन की शादी 17 दिसंबर 2018 को नौगावां सादात के पीली चौहान निवासी सतपाल सिंह से की थी। आरोप था कि शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में तीन लाख रुपए की मांग को लेकर सुमन के साथ मारपीट करते थे। परिवार का आरोप था कि दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। मायके से ससुराल ले गया पति, अगले दिन हुई मौत मामला 12 मई 2021 का है। उस समय सुमन अपने मायके में थी। आरोप है कि पति सतपाल उसे मायके से अपने साथ ससुराल ले गया। इसके अगले ही दिन सुमन की मौत हो गई। मायके वालों का आरोप था कि ससुराल पक्ष ने उन्हें सूचना दिए बिना ही सुमन का अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की। पति समेत 4 के खिलाफ दर्ज हुआ था केस बाबूराम सिंह की शिकायत पर पुलिस ने सतपाल सिंह, उसके पिता खचेड़ू, मां कुंता देवी और रिश्तेदार तेजपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी देवेश नागर ने पैरवी की और अदालत के सामने उपलब्ध साक्ष्य रखे। पति दोषी, सास-ससुर और रिश्तेदार को नहीं मिले पर्याप्त सबूत अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सतपाल सिंह को दोषी माना। उसे सात साल की जेल और सात हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। वहीं, अभियोजन पक्ष अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका। इसके चलते अदालत ने खचेड़ू, कुंता देवी और तेजपाल सिंह को दोषमुक्त कर दिया।

