अभय यादव हत्याकंड का खुलासा, 3 आरोपी अरेस्ट:1 लाख रुपए के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था, गैंग के साथियों ने दागी थी गोली

अभय यादव हत्याकंड का खुलासा, 3 आरोपी अरेस्ट:1 लाख रुपए के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था, गैंग के साथियों ने दागी थी गोली

भोजपुर पुलिस ने अभय यादव हत्याकंड का खुलासा कर दिया है। इस मामले मुख्य आरोपी राजा कुमार उर्फ राजा बाबू समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। अभय यादव और उसके कुछ साथी एक ही गैंग से जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र में एनएच पर अंडे लदे पिकअप वाहन की लूट हुई थी। लूट के बाद पिकअप को अभय यादव एक ठिकाने पर ले गया था। अंडों की बिक्री से करीब एक लाख रुपए मिले थे। इसी रकम के बंटवारे और लेनदेन को लेकर साथियों के बीच विवाद शुरू हो गया। पैसे लेनदेन को लेकर बढ़े विवाद के बाद साथियों ने ही अभय की गोली मारकर हत्या कर दी। विशेष टीम का किया गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ जगदीशपुर और डीआईयू टीम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनीष यादव उर्फ मनीष राइडर ने आरा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में घटना, हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों और इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। तीन सितंबर की देर शाम तेंदुनी मोड़ के पास मारी गई थी गोली पैसे लेनदेन को लेकर विवाद के बाद तीन सितंबर की देर शाम अभय यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के तेंदुनी मोड़ के समीप हुई थी। मृतक अभय यादव जगदीशपुर नगर के वार्ड संख्या-12 स्थित बिशेन टोला के रहने वाले थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपित मनीष यादव उर्फ मनीष राइडर के सामने आने के बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की गई। इसी दौरान राजा कुमार उर्फ राजा बाबू को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर राजा बाबू पकड़ा गया राजा कुमार उर्फ राजा बाबू भोजपुर के धनगाई थाना क्षेत्र के बजवाबर (गंजहड़) गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम धर्मदेव यादव है। पुलिस ने उसे आरा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में राजा बाबू ने पुलिस को घटना और हथियार से संबंधित जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि तियर थाना क्षेत्र के अन्हारी बाग निवासी राहुल कुमार ने हत्या में इस्तेमाला पिस्टल छिपाने के लिए अपने मौसेरे भाई विशाल कुमार को देने की बात कही थी। राजा बाबू से मिली इस जानकारी के बाद पुलिस टीम ने हथियार बरामद करने के लिए आगे की कार्रवाई की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हसनपुरा गांव में छापेमारी की। यहां से बिजेंद्र उर्फ धनिया यादव के पुत्र विशाल कुमार को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से हत्याकांड में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल बरामद किया है। गिरफ्तार विशाल कुमार हसनपुरा गांव का रहने वाला है। हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच में इसे महत्वपूर्ण बरामदगी माना है। पुलिस अब हथियार के स्रोत और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूछताछ में संलिप्तता स्वीकार करने का दावा एसडीपीओ राहुल कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस की जांच में हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में मृतक की मां पूनम देवी के आवेदन पर जगदीशपुर थाना में कांड संख्या 290/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी चार सितंबर 2026 को दर्ज की गई। इसमें बीएनएस की धारा 103(1), 352, 3(5) और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार राजा कुमार उर्फ राजा बाबू का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों गिरफ्तार आरोपितों को पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पिस्टल बरामदगी में पूछताछ से मिली कड़ी पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि इस हत्याकांड के बाद हथियार को छिपाने की कोशिश की गई थी। मुख्य आरोपित से पूछताछ के बाद पुलिस को हथियार से जुड़ी कड़ी मिली। इसके बाद राजा कुमार की गिरफ्तारी हुई और उसकी निशानदेही पर विशाल कुमार तक पुलिस पहुंची। विशाल की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से देशी पिस्टल बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के दौरान पिस्टल का इस्तेमाल किसने किया था और घटना के बाद हथियार किस-किस व्यक्ति के पास रहा। पुलिस लूट की मूल घटना और अंडों की बिक्री से प्राप्त रकम के लेनदेन को भी हत्याकांड की कड़ी के रूप में जांच रही है। छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल हत्याकांड का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में जगदीशपुर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार, विवेक कुमार, डीआईयू शाखा भोजपुर के पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार दिनकर, डीआईयू शाखा के सिपाही नीतीश कुमार, भवेश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। भोजपुर पुलिस ने अभय यादव हत्याकंड का खुलासा कर दिया है। इस मामले मुख्य आरोपी राजा कुमार उर्फ राजा बाबू समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। अभय यादव और उसके कुछ साथी एक ही गैंग से जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र में एनएच पर अंडे लदे पिकअप वाहन की लूट हुई थी। लूट के बाद पिकअप को अभय यादव एक ठिकाने पर ले गया था। अंडों की बिक्री से करीब एक लाख रुपए मिले थे। इसी रकम के बंटवारे और लेनदेन को लेकर साथियों के बीच विवाद शुरू हो गया। पैसे लेनदेन को लेकर बढ़े विवाद के बाद साथियों ने ही अभय की गोली मारकर हत्या कर दी। विशेष टीम का किया गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ जगदीशपुर और डीआईयू टीम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनीष यादव उर्फ मनीष राइडर ने आरा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में घटना, हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों और इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। तीन सितंबर की देर शाम तेंदुनी मोड़ के पास मारी गई थी गोली पैसे लेनदेन को लेकर विवाद के बाद तीन सितंबर की देर शाम अभय यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के तेंदुनी मोड़ के समीप हुई थी। मृतक अभय यादव जगदीशपुर नगर के वार्ड संख्या-12 स्थित बिशेन टोला के रहने वाले थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपित मनीष यादव उर्फ मनीष राइडर के सामने आने के बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की गई। इसी दौरान राजा कुमार उर्फ राजा बाबू को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर राजा बाबू पकड़ा गया राजा कुमार उर्फ राजा बाबू भोजपुर के धनगाई थाना क्षेत्र के बजवाबर (गंजहड़) गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम धर्मदेव यादव है। पुलिस ने उसे आरा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में राजा बाबू ने पुलिस को घटना और हथियार से संबंधित जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि तियर थाना क्षेत्र के अन्हारी बाग निवासी राहुल कुमार ने हत्या में इस्तेमाला पिस्टल छिपाने के लिए अपने मौसेरे भाई विशाल कुमार को देने की बात कही थी। राजा बाबू से मिली इस जानकारी के बाद पुलिस टीम ने हथियार बरामद करने के लिए आगे की कार्रवाई की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हसनपुरा गांव में छापेमारी की। यहां से बिजेंद्र उर्फ धनिया यादव के पुत्र विशाल कुमार को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से हत्याकांड में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल बरामद किया है। गिरफ्तार विशाल कुमार हसनपुरा गांव का रहने वाला है। हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच में इसे महत्वपूर्ण बरामदगी माना है। पुलिस अब हथियार के स्रोत और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूछताछ में संलिप्तता स्वीकार करने का दावा एसडीपीओ राहुल कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस की जांच में हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में मृतक की मां पूनम देवी के आवेदन पर जगदीशपुर थाना में कांड संख्या 290/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी चार सितंबर 2026 को दर्ज की गई। इसमें बीएनएस की धारा 103(1), 352, 3(5) और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार राजा कुमार उर्फ राजा बाबू का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों गिरफ्तार आरोपितों को पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पिस्टल बरामदगी में पूछताछ से मिली कड़ी पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि इस हत्याकांड के बाद हथियार को छिपाने की कोशिश की गई थी। मुख्य आरोपित से पूछताछ के बाद पुलिस को हथियार से जुड़ी कड़ी मिली। इसके बाद राजा कुमार की गिरफ्तारी हुई और उसकी निशानदेही पर विशाल कुमार तक पुलिस पहुंची। विशाल की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से देशी पिस्टल बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के दौरान पिस्टल का इस्तेमाल किसने किया था और घटना के बाद हथियार किस-किस व्यक्ति के पास रहा। पुलिस लूट की मूल घटना और अंडों की बिक्री से प्राप्त रकम के लेनदेन को भी हत्याकांड की कड़ी के रूप में जांच रही है। छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल हत्याकांड का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में जगदीशपुर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार, विवेक कुमार, डीआईयू शाखा भोजपुर के पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार दिनकर, डीआईयू शाखा के सिपाही नीतीश कुमार, भवेश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *