‘अब हम कहां जाएंगे…’ राजकोट में भाई ने उजाड़ा बहन का सुहाग, बिलखती पत्नी बोली- मेरे पति के कातिल को मिले फांसी

‘अब हम कहां जाएंगे…’ राजकोट में भाई ने उजाड़ा बहन का सुहाग, बिलखती पत्नी बोली- मेरे पति के कातिल को मिले फांसी

Rajkot Murder Case: गुजरात के राजकोट शहर में 7 साल पुराने प्रेम विवाह की खूनी रंजिश में एक युवक की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। भक्तिनगर सर्किल के पास स्थित एक पान की दुकान के निकट आरोपी साले ने अपने ही बहनोई पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। सरेराह हुए इस खूनी खेल से इलाके में हड़कंप मच गया।

साले को हिरासत में लिया

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी साले को हिरासत में ले लिया है। पुलिस जांच के अनुसार, मृतक की पहचान सहकार रोड निवासी विमल धर्मेशभाई वाणिया (27) के रूप में हुई है। विमल ने सात साल पहले शीतल नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था। इस शादी से शीतल के परिजन नाराज थे और उन्होंने उससे अपने रिश्ते पूरी तरह खत्म कर लिए थे। तभी से आरोपी साला कमलेश अपने बहनोई से रंजिश रखता था।

आरसी बुक के बहाने बुलाकर दिया वारदात को अंजाम

मृतक की पत्नी शीतल ने बिलखते हुए आरोपी भाई को फांसी की सजा देने की मांग की है। शीतल ने बताया कि उसके भाई कमलेश ने आरसी बुक देने के बहाने उसके पति विमल को भक्तिनगर सर्किल के पास बुलाया था। वहां दोनों के बीच बातचीत के दौरान कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि कमलेश ने जेब से चाकू निकालकर विमल के सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ 6 से 7 वार कर दिए। घटना के बाद खून से लथपथ विमल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़िता शीतल ने कहा कि इस हत्या के बाद वह और उसका मासूम बेटा पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं।

जांच में जुटी पुलिस

दिनदहाड़े हुई इस वारदात की सूचना मिलते ही भक्तिनगर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और एलसीबी की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी कमलेश को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। वहीं दूसरी तरफ सूरत स्थित न्यू सिविल मेडिकल कॉलेज से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां डेढ़ महीने के भीतर दूसरे रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध मौत हो गई है।

मृतक की पहचान एनाटॉमी विभाग में पढ़ाई कर रहे थर्ड ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर योगेंद्र दिलीप प्रजापति के रूप में हुई है। मेडिकल कॉलेज के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीते 18 सितंबर को योगेंद्र की परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ था, जिसमें वे फेल हो गए थे। परीक्षा में असफल होने के बाद से ही वे मानसिक तनाव में थे, जिसके चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

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