अररिया सदर अस्पताल और प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों से मरीजों को रेफर करने में अब लापरवाही नहीं चलेगी। मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करते समय डॉक्टर को रेफरल का स्पष्ट और सही मेडिकल कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। कारण दर्ज नहीं करने पर संबंधित डॉक्टर से जवाब मांगा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। रेफरल के साथ मरीज की स्थिति और इलाज की जानकारी जरूरी यह निर्देश डीएम विनोद दूहन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया। उन्होंने कहा कि रेफर किए जाने वाले मरीज की स्थिति और अब तक किए गए इलाज की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होने से बड़े अस्पताल में डॉक्टरों को इलाज शुरू करने में सुविधा होगी। इससे मरीज को समय पर उचित उपचार मिल सकेगा। एनीमिया जांच की गुणवत्ता और फॉलोअप पर जोर बैठक में ‘एनीमिया मुक्त बिहार’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। डीएम ने एनीमिया की जांच में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ मरीजों के नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार करने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का निर्देश डीएम ने अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। लापरवाही मिली तो तय होगी जवाबदेही डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के हित में संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए। अररिया सदर अस्पताल और प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों से मरीजों को रेफर करने में अब लापरवाही नहीं चलेगी। मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करते समय डॉक्टर को रेफरल का स्पष्ट और सही मेडिकल कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। कारण दर्ज नहीं करने पर संबंधित डॉक्टर से जवाब मांगा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। रेफरल के साथ मरीज की स्थिति और इलाज की जानकारी जरूरी यह निर्देश डीएम विनोद दूहन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया। उन्होंने कहा कि रेफर किए जाने वाले मरीज की स्थिति और अब तक किए गए इलाज की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होने से बड़े अस्पताल में डॉक्टरों को इलाज शुरू करने में सुविधा होगी। इससे मरीज को समय पर उचित उपचार मिल सकेगा। एनीमिया जांच की गुणवत्ता और फॉलोअप पर जोर बैठक में ‘एनीमिया मुक्त बिहार’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। डीएम ने एनीमिया की जांच में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ मरीजों के नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार करने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का निर्देश डीएम ने अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। लापरवाही मिली तो तय होगी जवाबदेही डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के हित में संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।

