अब बूथ बदलने को लेकर सपा ने उठाए सवाल:मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत, मैनपुरी के डीएम इंद्र मणि त्रिपाठी को हटाने की मांग

अब बूथ बदलने को लेकर सपा ने उठाए सवाल:मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत, मैनपुरी के डीएम इंद्र मणि त्रिपाठी को हटाने की मांग

मैनपुरी की भोगांव विधानसभा सीट पर मतदेय स्थलों के विभाजन और स्थानांतरण को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। सपा ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के मंत्री जयवीर सिंह और पूर्व मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री के दबाव में जिलाधिकारी मैनपुरी इंद्र मणि त्रिपाठी नियमों के विपरीत बूथों का पुनर्गठन कर रहे हैं। इससे सपा समर्थक मतदाताओं को उनके गांव के नजदीकी बूथ से हटाकर 3 से 4 किलोमीटर दूर भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इससे गरीब, बुजुर्ग और महिला मतदाताओं को परेशानी होगी। साथ ही, कुछ मतदाताओं को ऐसे गांवों के बूथों से जोड़ने का प्रस्ताव है, जहां उन्हें स्वतंत्र रूप से मतदान करने में दिक्कत हो सकती है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी ने जिलाधिकारी को हटाने, बूथों के पुनर्गठन की प्रस्तावित कार्रवाई निरस्त करने और पहले की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। ज्ञापन में पार्टी ने भोगांव विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों और बूथों का उदाहरण देते हुए कहा है कि मतदाताओं की आपत्तियों के बावजूद प्रशासन ने प्रस्तावित बदलावों पर उचित कार्रवाई नहीं की। सपा का कहना है कि बूथों के पुनर्गठन में मतदाताओं की सुविधा, दूरी और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इन गांवों और बूथों पर जताई आपत्ति अम्हेरा-जमैइयतगंज: गांव के मतदाताओं को दूसरे केंद्र पर भेजने का विरोध सपा के मुताबिक, पहले अम्हेरा गांव के मतदाता बूथ संख्या 200 और 201 पर मतदान करते थे। प्रस्तावित व्यवस्था में बूथ संख्या 201 को हटाकर प्राथमिक विद्यालय जमैयतगंज में नया मतदान केंद्र बनाने की योजना है। यहां बांकीपुर, जमैयतगंज और अम्हेरा के आंशिक हिस्से के मतदाताओं को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। पार्टी ने मांग की है कि अम्हेरा के आंशिक मतदाताओं को जमैयतगंज के बजाय बूथ संख्या 202 पर रखा जाए, ताकि अम्हेरा गांव के सभी मतदाता अपने गांव में ही मतदान कर सकें। नगला बगिया-मुगरौरा: बूथ पर मतदाताओं की संख्या घटने का तर्क प्राथमिक विद्यालय नगला बगिया स्थित बूथ संख्या 3 से मुगरौरा अनुभाग के मतदाताओं को हन्नूखेड़ा के बूथ पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि मुगरौरा के मतदाता लंबे समय से नगला बगिया में स्वतंत्र रूप से मतदान करते रहे हैं और उन्हें वहां कोई परेशानी नहीं है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्थानांतरण के बाद नगला बगिया बूथ पर केवल 227 मतदाता रह जाएंगे। पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब बूथ पर पहले से ही 1,200 से कम मतदाता हैं, तो उसका विभाजन या पुनर्गठन क्यों किया जा रहा है। सपा ने मुगरौरा के मतदाताओं का स्थानांतरण निरस्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। गनेशपुर-औरंध: दबंग गांव में बूथ स्थानांतरित करने का आरोप सपा ने भवीचंदपुर के बूथ से गनेशपुर के मतदाताओं को औरंध गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। पार्टी का दावा है कि इससे भवीचंदपुर बूथ पर 469 और औरंध बूथ पर 922 मतदाता हो जाएंगे। ज्ञापन में औरंध को प्रभावशाली और दबंग गांव बताते हुए आशंका जताई गई है कि गनेशपुर के मतदाता वहां स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर पाएंगे। पार्टी ने यह भी कहा कि गनेशपुर से प्रस्तावित मतदान केंद्र की दूरी करीब 3 किलोमीटर हो जाएगी। सपा ने इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है। नरैनीपुर: गांव से करीब 3 किमी दूर नया केंद्र बनाने पर आपत्ति पार्टी ने नरैनीपुर के प्राथमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र को समाप्त कर जूनियर हाईस्कूल में नया केंद्र बनाने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए हैं। सपा के अनुसार, मौजूदा केंद्र गांव के एक छोर पर है और मतदाता वहां आसानी से मतदान कर लेते हैं। पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के कारण मतदाताओं को परेशान करने और मतदान प्रभावित करने के उद्देश्य से यह बदलाव कराया जा रहा है। प्रस्ताव लागू होने पर नए केंद्र की दूरी गांव से करीब 3 किलोमीटर हो जाएगी। सपा ने पुराने केंद्र को ही बनाए रखने की मांग की है। काजीहार-किशनपुर गढ़िया: अनुसूचित जाति के मतदाताओं को लेकर चिंता सपा ने काजीहार के मतदाताओं को कंपोजिट विद्यालय बेवर से हटाकर प्राथमिक विद्यालय किशनपुर गढ़िया के बूथ संख्या 292 पर जोड़ने के प्रस्ताव का विरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि काजीहार में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या अधिक है, जबकि किशनपुर गढ़िया को क्षत्रिय समाज के वर्चस्व वाला गांव बताया गया है। पार्टी ने आशंका जताई है कि इस बदलाव से कमजोर वर्ग के मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से मतदान करने में परेशानी हो सकती है। सपा ने काजीहार के मतदाताओं को पहले की व्यवस्था में ही रखने की मांग की है। बमिहा-गुदहा: 3.5 किमी दूर बूथ के बजाय धीरपुर का विकल्प ज्ञापन में बमिहा गांव के प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण मतदाताओं को परौखा के कंपोजिट विद्यालय में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। पार्टी के अनुसार, प्रस्तावित केंद्र बमिहा से करीब 3.5 किलोमीटर दूर है, जबकि धीरपुर का प्राथमिक विद्यालय करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर है। सपा ने बमिहा और गुदहा के मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए परौखा के बजाय धीरपुर में मतदान केंद्र बनाने का सुझाव दिया है। सुल्तानपुर नवादा-नसीरपुर: अकबरपुर गनू में केंद्र बनाने की मांग सपा ने बूथ संख्या 299, प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर नवादा कक्ष-2 पर दर्ज नसीरपुर से जुड़े मतदाताओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुताबिक, इस केंद्र से नसीरपुर, नगला विशन और अकबरपुर गनू के करीब 100 मतदाता जुड़े हैं, जबकि सुल्तानपुर नवादा गांव का कोई मतदाता यहां नहीं है। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान केंद्र नगला विशन से करीब 3.5 किलोमीटर, नसीरपुर से 3 किलोमीटर और अकबरपुर गनू से 2.5 किलोमीटर दूर है। पार्टी ने केंद्र को अकबरपुर गनू के प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित करने की मांग की है। सपा का तर्क है कि इससे तीनों क्षेत्रों के मतदाताओं को सुविधा होगी और अकबरपुर गनू के करीब 100 मतदाता भी अपने गांव के केंद्र पर मतदान कर सकेंगे। छिवकारिया-पदमपुर: 337 मतदाताओं को वापस गांव के बूथ पर जोड़ने की मांग सपा ने वर्ष 2025 के मतदेय स्थल पुनर्गठन से पहले छिवकारिया के बूथ पर 1,152 मतदाता होने का हवाला दिया है। पार्टी के अनुसार, पुनर्गठन के दौरान छिवकारिया के 337 मतदाताओं को दूसरे गांव पदमपुर के मतदान केंद्र से जोड़ दिया गया था। अब छिवकारिया के बूथ संख्या 215 पर 858 मतदाता हैं। पार्टी ने पदमपुर के बूथ संख्या 216 से छिवकारिया के मतदाताओं को वापस उनके गांव स्थित बूथ संख्या 215 पर जोड़ने की मांग की है, ताकि गांव के सभी मतदाता वहीं मतदान कर सकें। सपा की तीन प्रमुख मांगें निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप सपा ने आरोप लगाया है कि मैनपुरी प्रशासन बूथों के संभाजन, विभाजन और नए मतदान केंद्रों के गठन को लेकर निर्वाचन आयोग के नियमों और निर्देशों के विपरीत काम कर रहा है। पार्टी का कहना है कि बूथों का पुनर्गठन मतदाताओं की सुविधा के बजाय राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले सपा प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, राज्य कार्यसमिति सदस्य डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सपा ने इस मुद्दे को मतदाताओं के मतदान के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव से जोड़ते हुए कहा है कि बूथों का निर्धारण इस तरह होना चाहिए, जिससे किसी भी मतदाता को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े और वह बिना दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।

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