Dimple Kapadia On Dil Chahta Hai movie: दिग्गज अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया एक बार फिर अपने बेबाक और चुलबुले अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। भारतीय सिनेमा की सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक ‘दिल चाहता है’ के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित री-यूनियन में डिंपल कपाड़िया छा गईं। इस दौरान उन्होंने फिल्म में खुद से काफी छोटे उम्र के लड़के (अक्षय खन्ना) के प्यार में पड़ने वाली ‘तारा शर्मा’ की यादगार भूमिका निभाने को लेकर बात की और उससे जुड़ी बातें याद कीं। जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
डिंपल कपाड़िया ने की प्यार पर बात
अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से पूछा गया कि तीन पुरुषों की मुख्य भूमिका वाली फिल्म में उन्होंने ‘तारा शर्मा’ का किरदार निभाने के लिए हां क्यों कहा? इस पर डिंपल ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें फिल्म की कहानी और स्क्रिप्ट बेहद शानदार लगी थी
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “मुझे यह जानकर बहुत अच्छा लगा था कि एक युवा लड़का मुझसे प्यार करता है, लेकिन मैं इसकी सिफारिश बिल्कुल नहीं करती! जैसा कि आप देख सकते हैं, सिड (अक्षय खन्ना) वापस नहीं आया और मुझे छोड़कर भाग गया।”
डिंपल कपाड़िया ने आगे कहा, “सच कहूं तो यह किरदार बहुत ही खूबसूरत और थोड़ा मुश्किल भरा था। मैं शुरुआत में डर रही थी और फरहान को दूसरी हीरोइनों के नाम सुझा रही थी कि वे यह रोल ज्यादा अच्छे से कर पाएंगी। लेकिन शुक्र है कि मैंने समझदारी दिखाई और इस रोल के लिए हां कह दिया।”
सैफ ने बताया गोवा का बीच करते थे साफ
सैफ अली खान ने फिल्म में ‘समीर’ का किरदार निभाया है। उन्होंने शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि गोवा का शेड्यूल अविश्वसनीय रूप से मजेदार था। हम सब युवा थे, दिन भर बीच पर शूटिंग करते थे और शाम को पार्टियां करते थे।
सैफ ने कहा, “फरहान के निर्देशन का अंदाज इतना सहज था कि सेट पर कभी कोई तनाव महसूस ही नहीं हुआ। गोवा में बीच पर शूटिंग खत्म होने के बाद फरहान कहते थे कि सभी लोग थोड़ा कूड़ा उठा लें और बीच को उससे ज्यादा साफ छोड़कर जाएं जितना हमने इसे पाया था। हमने सच में वहां सफाई की और पूरी शूटिंग के दौरान हम सिर्फ हंसते रहते थे। फरहान ने पहले ही कह दिया था कि डायलॉग्स याद करके आना, सेट पर समझने का समय नहीं मिलेगा।”
सिनेमा की दुनिया में एक क्रांतिकारी मोड़
साल 2001 में रिलीज हुई ‘दिल चाहता है’ ने भारतीय युवाओं के सिनेमा देखने के नजरिए को पूरी तरह बदल दिया था। महानगरीय जीवन, आधुनिक दोस्ती, करियर की उलझनें और उम्र के बंधनों से परे प्यार जैसे विषयों को जिस परिपक्वता के साथ फरहान अख्तर ने पेश किया, उसने इसे एक पूरी पीढ़ी के लिए ‘कल्ट क्लासिक’ फिल्म बना दिया। 25 साल बाद भी इस फिल्म का जादू और इसके किरदार दर्शकों के दिलों में उतने ही ताजा हैं।



