अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 148% बढ़कर ₹1,323 करोड़ पर पहुंच गया है, जो बीते साल की समान तिमाही में ₹534 करोड़ रहा था। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 52.8% बढ़कर ₹10,075.5 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹6,596 करोड़ था। दूसरी ओर, कंपनी के स्टॉक में कमजोरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने फिलहाल निवेशकों को शेयर में फ्रेश बाइंग से बचने की सलाह दी है। बुधवार को कंपनी का शेयर 2.94% गिरकर ₹1,326 पर बंद हुआ था। आज ये फ्लैट कारोबार कर रहा है। पहले तिमाही में मुनाफा 124% बढ़कर 1,149 करोड़ रहा था 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का मुनाफा 124% बढ़कर 1,149 करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। एक साल पहले की समान तिमाही में मुनाफा 512 करोड़ रुपए था। वहीं ऑपरेशनल रेवेन्यू 6,819 करोड़ रुपए से 42% बढ़कर 9,711 करोड़ रुपए पहुंच गया था। अडाणी एनर्जी के 16 राज्यों में नेटवर्क और 1.2 करोड़ ग्राहक अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस देश की सबसे बड़ी प्राइवेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी है। यह पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्मार्ट मीटरिंग और कूलिंग सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी का नेटवर्क देश के 16 राज्यों में फैला है, जिसके पास 26,600 Km से ज्यादा की ट्रांसमिशन लाइनें हैं। मुंबई और मुंद्रा SEZ जैसे बड़े इलाकों में कंपनी 1.2 करोड़ ग्राहकों को बिजली पहुंचाती है। 2.28 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के ऑर्डर पर भी काम कर रही है। देश की पहली प्राइवेट HVDC लाइन बिछाने से लेकर, हाल ही में QIP के जरिए ₹8,373 करोड़ का फंड जुटाने तक, कंपनी के नाम पावर सेक्टर में कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं।
अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के Q2 नतीजे आज:मुनाफा स्थिर रहने का अनुमान; शेयर ₹1,320 पर आया, एक्सपर्ट्स बोले- अभी नई खरीदारी से बचें

