Sidhu Moosewala Father Emotional: दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि साल 2022 में बेटे सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद जब वह न्याय की मांग को लेकर अमित शाह से मिले थे, तब उन्हें राजनीति में आने और सांसद का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, बलकौर सिंह के मुताबिक उन्होंने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया था।
मानसा में एक कार्यक्रम के दौरान बलकौर सिंह ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि उस समय उनके बेटे की हत्या को ज्यादा समय नहीं बीता था। वह अपने बेटे की चिता से लौटे थे और अस्थियां तक पूरी तरह संभाल नहीं पाए थे। ऐसे समय में उनसे राजनीति में आने की बात की गई। बलकौर सिंह ने कहा कि उनके लिए उस वक्त राजनीति से ज्यादा जरूरी अपने बेटे की हत्या के मामले में न्याय हासिल करना था।
‘बेटे की अस्थियां लेकर लौट रहा था, तब टिकट की बात हुई’
बलकौर सिंह ने दावा किया कि बेटे की मौत के बाद जब वह बेहद दुख की स्थिति में थे, तब उन्हें सांसद बनने और पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी अंतरात्मा ने उस समय राजनीति में जाने की इजाजत नहीं दी।
उनके अनुसार, उस वक्त उन्हें यह तक पता नहीं था कि उनके बेटे की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन लोग थे। ऐसे में राजनीतिक प्रस्ताव स्वीकार करना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि बेटे की चिता की राख ठंडी होने से पहले ही अगर राजनीति और टिकट की बात की जाए तो वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते थे। हालांकि, यह बलकौर सिंह का दावा है और इस बातचीत या कथित प्रस्ताव की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
हत्या की जांच को लेकर भी उठाए सवाल
बलकौर सिंह ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की जांच के नाम पर परिवार को लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। उन्होंने एसआईटी जांच और नार्को टेस्ट को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल उठाए।
बलकौर सिंह लंबे समय से बेटे की हत्या के मामले में न्याय की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय मामले में ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
लॉरेंस बिश्नोई को लेकर भी सरकार से सवाल
बलकौर सिंह ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को साबरमती जेल में रखे जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकार उसे जेल में कब तक सुरक्षित रखेगी और उसे अदालत में पेश क्यों नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और न्याय की चिंता रहती है, जबकि दूसरी तरफ जेल से वीडियो सामने आते हैं, जिनमें आरोपी अपनी बेगुनाही का दावा करते हैं। बलकौर सिंह ने सरकार से इस पूरे मामले में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।
‘न्याय के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिले’
मुख्यमंत्री और सरकार पर भी निशाना साधते हुए बलकौर सिंह ने कहा कि अगर किसी मामले की जांच आखिरकार सीबीआई को ही सौंपनी थी, तो पीड़ित परिवार और समर्थकों को लंबे समय तक धरने पर बैठने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि न्याय की मांग कर रहे परिवारों को बार-बार आश्वासन मिलते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें ठोस परिणाम नजर नहीं आते। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से ही बलकौर सिंह लगातार अपने बेटे के लिए न्याय की मांग उठाते रहे हैं।
बलकौर सिंह के ताजा बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब दौरे पर हैं। उन्होंने अपने बयान के जरिए न केवल बेटे की हत्या की जांच बल्कि सरकार की कार्रवाई और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े सवालों पर भी अपना असंतोष जाहिर किया है।

