भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान अमृतसर में पार्टी के भीतर की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। हल्का उत्तरी में यात्रा के स्वागत के लिए खड़े युवा नेता अक्षय शर्मा और उनके समर्थकों को इग्नोर करने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेता यात्रा का ट्रक छोड़कर ही उतर गए। इस घटनाक्रम का वीडियो और चर्चा अब राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजे खंडे वाला चौक से शुरू हुई यह यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए मजीठा बाईपास पहुंचनी थी। यहां पार्टी के युवा नेता और 21 विधानसभा क्षेत्रों के युवा संपर्क अभियान के प्रभारी अक्षय शर्मा सैकड़ों समर्थकों, नशा पीड़ितों और बुजुर्गों के साथ सुबह से यात्रा के भव्य स्वागत के लिए इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही यात्रा का काफिला पास पहुंचा, कथित तौर पर वरिष्ठ नेताओं ने अक्षय शर्मा और उनके समर्थकों को इग्नोर करते हुए यात्रा का रूट बदलने की कोशिश की। इसकी भनक लगते ही अक्षय शर्मा अपने समर्थकों के साथ बाईपास चौक की ओर बढ़ गए, जहां यात्रा के ट्रक और अक्षय शर्मा के समर्थकों का आमना-सामना हो गया। ट्रक छोड़कर भागे नेता; गटका, नुक्कड़ नाटक और 40 फीट की माला धरी की धरी रही प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अक्षय शर्मा के विशाल काफिले को सामने देखते ही जिला प्रधान सलिल कपूर, पूर्व सांसद श्वेत मलिक और नेता सुखमिंदर पाल पिंटू समेत अन्य वरिष्ठ नेता आनन-फानन में ट्रक से नीचे उतर गए और बिना लोगों से मिले वहां से चले गए। इसके बाद अक्षय शर्मा ने खुद कमान संभाली और समर्थकों का उत्साह बढ़ाते हुए ट्रक पर चढ़कर यात्रा को आगे बढ़ाया। अक्षय शर्मा की ओर से यात्रा के स्वागत के लिए गटका प्रदर्शन, नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक और जेसीबी (JCB) व क्रेन के जरिए 100 किलो फूलों की 40 फीट लंबी माला पहनाने की भव्य तैयारी की गई थी, जो नेताओं के अचानक चले जाने से अधूरी रह गई। सफाई और अनदेखी पर उठ रहे सवाल बता दें कि इस यात्रा की शुरुआत केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की थी, लेकिन फ्लाइट होने के कारण वे समय पर रवाना हो गए थे। वरिष्ठ नेताओं के इस तरह अचानक ट्रक से उतरने को लेकर पार्टी के अंदरूनी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चर्चा यह भी है कि पूर्व सांसद श्वेत मलिक के कहने पर जिला प्रधान सलिल कपूर ट्रक से नीचे उतरे थे। मामले पर सफाई देते हुए जिला प्रधान सलिल कपूर ने कहा कि वे यात्रा छोड़कर नहीं भागे, बल्कि उन्हें मजीठा क्षेत्र के लिए यात्रा हैंडओवर करनी थी। वहीं, इस मुद्दे पर जब पूर्व सांसद श्वेत मलिक से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मीटिंग का हवाला देकर फोन काट दिया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब भाजपा के भीतर गुटबाजी को उजागर कर दिया है।

