अंसल टाउनशिप में विकास के लिए जमीन लेगा एलडीए:मेदांता और बेस्ट प्राइस के आसपास प्रमुख सड़कें बनेंगी, सीवर-पानी-बिजली समेत अधूरी सुविधाएं भी पूरी होंगी

अंसल टाउनशिप में विकास के लिए जमीन लेगा एलडीए:मेदांता और बेस्ट प्राइस के आसपास प्रमुख सड़कें बनेंगी, सीवर-पानी-बिजली समेत अधूरी सुविधाएं भी पूरी होंगी

शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई की हाईटेक टाउनशिप सुशांत गोल्फ सिटी को एलडीए अब मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित करने की तैयारी में है। नैमिष नगर और वरुण विहार की तर्ज पर टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराया जाएगा। इसके लिए शासन से बजट मिलने की उम्मीद है। एलडीए ने अपनी कार्ययोजना में इसका प्रावधान किया है। टाउनशिप के जिन हिस्सों में सड़क के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां जरूरत के अनुसार जमीन अधिग्रहित की जाएगी। एलडीए ने टाउनशिप के पूर्ण, आंशिक रूप से विकसित और अविकसित हिस्सों को अलग-अलग चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके आधार पर अधूरी सड़कें, सीवर, पानी, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को पूरा कराया जाएगा। मेदांता और बेस्ट प्राइस के आसपास सड़कें अधूरी टाउनशिप के अंदर कई प्रमुख मार्ग जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। मेदांता अस्पताल और बेस्ट प्राइस के आसपास सड़क निर्माण के लिए जमीन की जरूरत है। एलडीए इन स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इसके अलावा एसटीपी, सीवर लाइन, विद्युत सब स्टेशन और रेलवे ओवरब्रिज समेत कई बड़े अवस्थापना कार्य भी पूरे किए जाने हैं। जरूरत पड़ने पर इनके लिए भी जमीन ली जाएगी। एलडीए के आकलन के मुताबिक सुशांत गोल्फ सिटी में बचे हुए अवस्थापना विकास कार्यों को पूरा करने पर करीब 2,216.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए नक्शों पर लगेगा कंप्लीशन शुल्क टाउनशिप को पूरा करने के लिए नए नक्शों की मंजूरी, शमन मानचित्र और टाउनशिप कंप्लीशन शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। शुरुआती आकलन के मुताबिक कंप्लीशन शुल्क 1,150 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रस्तावित है। हालांकि, अंतिम शुल्क वास्तविक खर्च और कुल आच्छादित क्षेत्रफल के आधार पर तय किया जाएगा। एलडीए का कहना है कि इस शुल्क को प्राधिकरण की नियमित आय का जरिया नहीं बनाया जाएगा। इससे मिलने वाली रकम अलग एस्क्रो खाते में रखी जाएगी और केवल सुशांत गोल्फ सिटी के विकास कार्यों पर खर्च होगी। ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के भवनों व भूखंडों पर यह शुल्क नहीं लगाया जाएगा। 800 बड़े भूखंडों के मामले में लैंडपूलिंग का विकल्प एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक टाउनशिप में करीब 800 बड़े भूखंडों को कंपनी के कंसोर्टियम की ओर से नियमों के विपरीत बेचे जाने के मामले में रजिस्ट्री निरस्त करने से पहले लैंडपूलिंग का विकल्प भी रखा जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें आवंटित भूखंड के बदले निर्धारित अनुपात में जमीन देने का विकल्प रखा जा सकता है। हालांकि, लैंडपूलिंग समेत आगे की कार्रवाई तभी संभव होगी, जब एनसीएलटी से एलडीए को टाउनशिप विकसित करने का अधिकार मिलेगा। मामले में नवंबर में सुनवाई प्रस्तावित है। एलडीए बड़े भूखंडों की सूची तैयार कर रहा है और निबंधन कार्यालय से संबंधित रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड भी निकलवाया जा रहा है। प्रथमेश कुमार, वीसी, एलडीए ने कहा कि हाईटेक टाउनशिप को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा। अधूरी सुविधाओं को पूरा करने के साथ खरीदारों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे, लेकिन यह प्रक्रिया एनसीएलटी से टाउनशिप का टेकओवर मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगी।

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