बड़वानी जिले की अंजड़ कृषि उपज मंडी में 24 घंटे बिजली उपलब्ध होने के बावजूद रात के समय अंधेरा रहता है। इससे किसानों को अपनी उपज चोरी होने का डर सता रहा है। मंडी को लाखों रुपए का टैक्स मिलता है, लेकिन करोड़ों रुपए की उपज रात में अंधेरे में खड़ी रहती है। स्ट्रीट लाइट के खंभे, कई जगह बल्ब गायब मंडी परिसर में स्ट्रीट लाइट के खंभे तो लगे हैं, लेकिन कई में बल्ब नहीं हैं और कई जगह लाइटें बंद पड़ी हैं। किसानों को चिंता है कि अंधेरे का फायदा उठाकर उनकी ट्रॉलियों से कपास चोरी हो सकती है। मंडी में चौकीदार भी नहीं है और जिम्मेदार अधिकारी भी रात के समय मौजूद नहीं रहते। मंडी सचिव गणपत सिंह माली ने बताया कि बिजली व्यवस्था की मरम्मत का काम ठेके पर दिया गया है। उन्होंने जल्द ही मंडी में रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया है। अंधेरे में असामाजिक तत्वों का खतरा भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भरत यादव ने अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व मंडी परिसर में घूमते हैं। जगह-जगह पड़ी टूटी शराब की बोतलों से किसानों और अन्य लोगों को चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। 100 से अधिक गांवों से आते हैं किसान अंजड़ कृषि उपज मंडी में बड़वानी, ठीकरी, राजपुर और अंजड़ तहसील क्षेत्र के करीब 100 से अधिक गांवों के किसान कपास और मक्का की फसल बेचने पहुंचते हैं। आसपास के गांवों से आने वाले किसान जल्दी नंबर लगाने के लिए रात के समय ही अपने वाहन लेकर मंडी पहुंच जाते हैं। रात में जहरीले जीव-जंतुओं का डर किसानों का कहना है कि रात के समय मंडी में पहुंचने के बाद उन्हें अंधेरे के कारण परेशानी होती है। रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से जहरीले जीव-जंतुओं का डर भी बना रहता है। किसानों ने मंडी परिसर में पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

