अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा खुलासा: करनाल से शामली तक 14 कैमरों ने खोला शूटरों का रास्ता, 73 मिनट में पहुंच गए वारदात स्थल

अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा खुलासा: करनाल से शामली तक 14 कैमरों ने खोला शूटरों का रास्ता, 73 मिनट में पहुंच गए वारदात स्थल

Ankit Baliyan Shooters: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने करनाल से शामली के बीच लगे 14 कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली तो चारों संदिग्ध शूटरों की आवाजाही की कड़ी सामने आई। जांच के अनुसार बदमाश करनाल से निकलने के बाद करीब एक घंटे 13 मिनट में आर्यपुरी नाला पटरी तक पहुंच गए थे। यूपी की सीमा में दाखिल होने से पहले उन्होंने अपने कपड़े भी बदले, ताकि पहचान छिपाई जा सके।

अंकित बालियान की बुधवार शाम जिम से बाहर निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाबरी क्षेत्र के बनतीखेड़ा गांव निवासी अंकित जैसे ही आर्यपुरी नाला पटरी पर पहुंचे, 4 बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। वारदात के बाद आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर फरार हो गए थे। शुरुआत से ही पुलिस को मामले में हरियाणा कनेक्शन की आशंका थी।

करनाल से शुरू हुई शूटरों की यात्रा

सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में 26 अगस्त की शाम 3:54 बजे करनाल के महाराणा प्रताप चौक पर चारों संदिग्ध दिखाई दिए। इसके महज दो मिनट बाद 3:56 बजे उनकी मौजूदगी नमस्ते चौक पर दर्ज हुई।

इसके बाद 4:13 बजे मिल रोड कंट्रोल रूम के कैमरे में भी उनकी गतिविधि कैद हुई। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद बदमाश हरियाणा बॉर्डर की ओर बढ़े। करीब 4:26 बजे बॉर्डर चौकी के पास उन्होंने कपड़े बदले। कपड़े बदलने के करीब 13 मिनट बाद 4:39 बजे पटनी टोल टैक्स के कैमरे में उनकी तस्वीर सामने आई।

विजय चौक से आर्यपुरी नाला पटरी तक

शाम 4:54 बजे चारों बदमाश शामली के विजय चौक पर कैमरे में दिखाई दिए। यहां से उनकी गतिविधियां फव्वारा चौक और फूल मार्केट की ओर जाती मिलीं।

करीब 13 मिनट बाद 5:07 बजे वे आर्यपुरी नाला पटरी पहुंच गए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इसके बाद उन्होंने सीधे वारदात को अंजाम नहीं दिया, बल्कि जिम के बाहर इंतजार किया।

डेढ़ घंटे से ज्यादा चला इंतजार

पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने जिम के सामने कनिका कॉम्प्लेक्स की ओर नाला पटरी स्थित एक कन्फेक्शनरी की दुकान के बाहर दोनों बाइक खड़ी की थीं। इस जगह से जिम का प्रवेश द्वार साफ नजर आ रहा था। चारों आरोपी करीब एक घंटा 38 मिनट तक वहीं डटे रहे। इस दौरान उनकी नजर जिम से निकलने वाले लोगों पर थी और वे अंकित के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे।

शाम करीब 7 बजे अंकित जैसे ही जिम से बाहर निकले, बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से अंकित की मौत हो गई। हमले के बाद आरोपी दोनों बाइकों से अलग-अलग रास्तों की ओर निकल गए।

भागते समय छूटे हेलमेट और गमछे

फरार होने के दौरान बदमाशों के हेलमेट और गमछा भी मौके पर छूट गए। आसपास के लोगों ने इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब इन सामानों के साथ सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों को जोड़कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

14 कैमरों की फुटेज से जुड़ रही पूरी कड़ी

करनाल से शामली तक अलग-अलग स्थानों पर मिले फुटेज ने पुलिस को शूटरों की संभावित यात्रा का पूरा रूट समझने में मदद की है। अब जांच सिर्फ चारों हमलावरों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उन्हें अंकित की गतिविधियों की जानकारी किसने दी और वारदात से पहले उन्हें किस स्तर पर मदद मिली।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज से जांच को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अब इन्हीं कड़ियों के आधार पर शूटरों और हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

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