ललितपुर में 26 जनवरी को हुए सड़क हादसे में घायल तीसरे व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया। भोपाल एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को शंकर यादव (45) की मौत हो गई। इस हादसे में प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ मन्नू कोरी के पुत्र नरेश पंथ की फॉर्च्यूनर कार शामिल थी। जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा में हुई इस घटना में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इनमें से शिवेन्द्र प्रताप यादव की इलाज के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई थी। वहीं, अनुज यादव ने झांसी मेडिकल कॉलेज में 12 दिन के इलाज के बाद दम तोड़ा था। शंकर यादव का इलाज भोपाल एम्स में चल रहा था, जहां मंगलवार को उनकी मौत हो गई। मंगलवार शाम को मृतक का शव उनके गांव बरखेड़ा पहुंच गया। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
अब समझिए पूरा मामला हादसा जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा का है। बरखेड़ा के रहने वाले शिवेंद्र (18 साल) पुत्र राजू यादव, शंकर सिंह (45 साल) पुत्र इमरत सिंह यादव और अनुज (20 साल) पुत्र रतिभान यादव सुंदरकांड पाठ से लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे ललितपुर-जाखलौन मार्ग पर हावड़ा की पुलिया के पास फॉर्च्यूनर कार (UP 94 AK 9898) ने उनकी बाइक (UP 94AA 0048) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। कार जाखलौन से ललितपुर की ओर जा रही थी। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल सड़क से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद ही घायलों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया था। वहां से तीनों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। हालांकि रास्ते में शिवेंद्र की मौत हो गई थी। शंकर सिंह और अनुज की हालत नाजुक बनी हुई थी। अनुज की इलाज के दौरान मौत हो गई। पीछे का शीशा तोड़कर निकले कार सवार टक्कर इतनी तेज थी कि फॉरच्यूनर के एयरबैग खुल गए। चारों गेट बंद हो गए। जिसके बाद कार सवार सभी लोग पीछे का शीशा तोड़कर बाहर निकले। आरोप है कि कार में मंत्री का बेटा भी सवार था। जब लोगों ने विरोध जताया तो मंत्री के बेटे ने बंदूक दिखाकर लोगों को धमकाया। रात को मौका पाकर सभी फरार हो गए।


