Houthis Aden Government Headquarters Strike: यमन की दक्षिणी नगरी अदन में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के मुख्यालय पर हुए हमले ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। उन्होंने दावा किया कि वहां सऊदी का युद्ध संचालन केंद्र था। प्रधानमंत्री सुरक्षित रहे और उन्होंने इसे राज्य व्यवस्था को तोड़ने की साजिश करार दिया। यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच चल रहे जंग और शब्दों के युद्ध को और तेज कर रही है।
अनसार अल्लाह हूती संगठन ने अदन स्थित सरकारी मुख्यालय पर हुए हमले की जिम्मेदारी खुलेआम स्वीकार कर ली है। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सरी ने बयान में कहा कि उस इमारत में सऊदी अरब का युद्ध संचालन कक्ष चल रहा था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यमन की धरती पर सऊदी की कोई भी सैन्य या आर्थिक मौजूदगी अब उनके सशस्त्र बलों का जायज निशाना बनेगी।
इस हमले में प्रधानमंत्री सुरक्षित रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए अनसार अल्लाह को आतंकी समूह बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला राज्य की संस्थाओं को ठप करने और 2015 में हुए आतंकी तख्तापलट को पलटने की कोशिशों को रोकने के लिए किया गया। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि यमन की सैन्य कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। वे हूती नियंत्रण से देश का हर वर्ग इंच आजाद करने तक लड़ते रहेंगे। इसमें राजधानी सना भी शामिल है, जो 2015 में हूतियों के कब्जे में चली गई थी।

