Yaws: त्वचा पर घाव और सूजन के साथ हो सकता है यॉज, WHO से जानें इस संक्रमण के लक्षण

Yaws: त्वचा पर घाव और सूजन के साथ हो सकता है यॉज, WHO से जानें इस संक्रमण के लक्षण

Yaws Symptoms: क्या आपके या आपके घर में बच्चों की चमड़ी पर कभी ऐसे दाने या घाव हुए हैं जो हफ्तों तक जाने का नाम ही नहीं लेते? हम अक्सर ऐसी चीज़ों को मामूली फोड़ा-फुंसी, दाद या कीड़े का काटना मानकर छोड़ देते हैं। मलहम लगा लिया और सोचते हैं कि अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन हर घाव इतना सीधा नहीं होता। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर त्वचा का घाव लंबे समय तक टिका रहे और साथ में हड्डियों या जोड़ों में दर्द-सूजन होने लगे, तो यह यॉज (Yaws) नाम की बीमारी हो सकती है। यॉज कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन जानकारी न होने की वजह से लोग इसे पहचान नहीं पाते। यह धीरे-धीरे शरीर में फैलती है और अगर सही समय पर ध्यान न दिया जाए तो हड्डियों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। चलिए समझते हैं कि यह बीमारी आखिर है क्या, यह कैसे फैलती है और इससे कैसे बचा जाए।

आखिर क्या है यह यॉज (Yaws)?

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार, यॉज एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन (जीवाणु से होने वाला संक्रमण) है। यह ट्रिपोनेमा पैलिडम पर्टेन्यु नाम के एक छोटे से बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह बीमारी सबसे ज़्यादा 15 साल से छोटे बच्चों को अपना शिकार बनाती है, खासकर 6 से 10 साल के बच्चों को। इसकी वजह यह है कि बच्चे अक्सर बाहर मिट्टी में खेलते हैं और एक-दूसरे के संपर्क में ज्यादा आते हैं। यह बीमारी उन जगहों पर ज्यादा देखने को मिलती है जहाँ मौसम थोड़ा गर्म और सीलन भरा (नमी वाला) रहता है, या जहाँ साफ-सफाई का ज्यादा ध्यान नहीं रखा पाता।

यह एक से दूसरे में कैसे फैलती है?

यॉज के फैलने का तरीका बहुत ही सीधा-साधा है। यह हवा या खाने से नहीं, बल्कि त्वचा के सीधे संपर्क (Skin Contact) से फैलती है, अगर किसी इंसान को यॉज का घाव है, और उसके घाव का पानी या मवाद किसी दूसरे इंसान की कटी या छिली हुई त्वचा पर लग जाए, तो यह बैक्टीरिया तुरंत दूसरे शरीर में चला जाता है। खेलते समय बच्चों को अक्सर छोटी-मोटी खरोंच लग जाती है। अगर एक बच्चे को यह इंफेक्शन है, तो साथ खेलने वाले दूसरे बच्चों में भी इसके फैलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। सही से न नहाना, गंदे कपड़े पहनना या घाव को खुला छोड़ देने से यह बैक्टीरिया आसानी से पनपता है। यॉज कोई गुप्त रोग या यौन संचारित बीमारी (STD) बिल्कुल नहीं है। यह सिर्फ चमड़ी से चमड़ी के छूने और घाव के संपर्क में आने से होती है।

इसके लक्षण क्या हैं कैसे पहचानें?

जब यह बैक्टीरिया शरीर में आता है, तो एकदम से असर नहीं दिखाता। इसके लक्षण दिखने में 2 से 4 हफ्ते या कभी-कभी थोड़ा ज्यादा समय भी लग जाता है। यह बीमारी तीन अलग-अलग चरणों में सामने आती है;

1. पहला चरण (शुरुआती दाना)

शुरुआत में शरीर पर, खासकर पैर या हाथ पर एक छोटा सा दाना या फोड़ा निकलता है। इसे आम भाषा में ‘मदर यॉ’ (Mother Yaws) कहते हैं। यह दाना शुरू में दर्द नहीं करता, लेकिन धीरे-धीरे बड़ा होने लगता है। कुछ समय बाद यह मस्से जैसा दिखता है और फिर एक पपड़ीदार घाव बन जाता है।

2. दूसरा चरण (शरीर पर चकत्ते और दर्द)

अगर पहले चरण में ध्यान न दिया जाए, तो शुरुआती घाव सूखने के बाद शरीर के बाकी हिस्सों (जैसे चेहरे, हाथ-पैर) पर छोटे-छोटे कई दाने और घाव निकल आते हैं। इस दौरान मरीज को हड्डियों और जोड़ों में मीठा-मीठा दर्द रहने लगता है। हाथों और पैरों की उंगलियों में सूजन आ जाती है। पैरों के तलों में घाव होने की वजह से चलने-फिरने में बहुत तकलीफ होती है।

3. तीसरा चरण (लापरवाही का नतीजा)

अगर सालों तक (5 से 10 साल) इस बीमारी का इलाज न कराया जाए, तो यह हड्डियों को अंदर से नुकसान पहुँचाने लगती है। इससे चेहरे, नाक और पैर की हड्डियों की बनावट बिगड़ सकती है और इंसान हमेशा के लिए विकलांग भी हो सकता है।

इसका इलाज कितना आसान है?

अच्छी खबर यह है कि यॉज को ठीक करना बेहद आसान है, बस जरूरत है समय पर डॉक्टर के पास जाने की, अगर शुरुआत में ही पता चल जाए, तो डॉक्टर की सलाह से एज़िथ्रोमाइसिन (Azithromycin) नाम की एंटीबायोटिक की सिर्फ एक खुराक (एक बार दवा खाने) से यह बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है। अगर किसी वजह से गोली असर न करे, तो डॉक्टर इंजेक्शन देते हैं, जिससे मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है। सही समय पर दवा मिल जाए तो 95% से ज्यादा मामलों में घाव का निशान तक नहीं बचता और हड्डियों को कोई नुकसान नहीं होता।

बीमारी से बचने के आसान तरीके

  • रोज नहाएं और सफाई रखें।
  • चोट लगते ही पट्टी करें।
  • घाव वाले व्यक्ति से दूरी।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

अगर आपकी या आपके बच्चे की चमड़ी पर कोई ऐसा घाव है जो हफ्तों बाद भी नहीं भर रहा, या घाव के साथ-साथ हड्डियों में दर्द और सूजन महसूस हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी हलके में न लें। घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्किन के डॉक्टर (Dermatologist) को दिखाएं। समय पर ली गई एक छोटी सी दवा आपको किसी बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।

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