US Midterm Elections 2026 Foreign Interference: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने एक बड़ी सफाई मुहिम छेड़ दी है। कंपनी के ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स टीम ने आधिकारिक बयान में बताया कि ईरान, रूस और चीन से जुड़े तीन संदिग्ध विदेशी प्रभाव अभियानों से जुड़े 13 हजार से ज्यादा अकाउंट्स को निलंबित कर दिया गया। ये फर्जी खाते अमेरिकी राजनीति की चर्चाओं में घुसपैठ कर उम्मीदवारों और सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बना रहे थे। यह कदम प्लेटफॉर्म की अखंडता बचाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
X Takes Down 13000 Fake Accounts: एक्स की टीम ने कैसे पकड़े फर्जी नेटवर्क्स
X प्लेटफॉर्म ने बुधवार को एक आधिकारिक पोस्ट में खुलासा किया कि उसकी टीम ने सक्रिय जांच और नियमित निगरानी के जरिए इन नेटवर्क्स का पता लगाया। ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स टीम के अनुसार, इन अभियानों में फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल कर अमेरिकी राजनीतिक विषयों पर सामग्री पोस्ट की जा रही थी और उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा था।
लक्ष्य राजनीतिक स्पेक्ट्रम के दोनों छोर के उम्मीदवार और सार्वजनिक आंकड़े थे। कंपनी ने साफ कहा, “चाहे स्पैम नेटवर्क हों या प्रभाव अभियान चलाने वाली संस्थाएं, हम समन्वित नकली व्यवहार की पहचान कर उसे रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं जो हमारे प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है।”
Iran Russia China Influence Operations X: विदेशी दखलंदाजी का पुराना इतिहास
एक्स ने हालांकि यह नहीं बताया कि इनमें से कितने अकाउंट्स सिर्फ ईरान से जुड़े थे या अभियान का विस्तृत तरीका क्या था। फिर भी यह कार्रवाई अमेरिकी चुनावों के आसपास विदेशी दखलंदाजी के पुराने इतिहास की याद दिलाती है। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान X ने ईरान से जुड़े करीब 130 अकाउंट्स हटाए थे जो बहस को भटकाने की कोशिश कर रहे थे। 2022 के मिडटर्म में भी चीन और ईरान आधारित नेटवर्क्स पर कार्रवाई हुई थी। 2024 में ईरानी एजेंट्स ने AI का इस्तेमाल कर फर्जी न्यूज साइट्स और सोशल मीडिया पर ध्रुवीकरण फैलाने की कोशिश की थी। US Treasury Department ने भी ईरानी हैकर्स पर चुनाव प्रभावित करने के आरोप में प्रतिबंध लगाए थे।
विशेषज्ञों की राय और एआई का बढ़ता इस्तेमाल
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान, रूस और चीन लंबे समय से अमेरिकी लोकतंत्र में दरार पैदा करने के लिए डिजिटल अभियान चलाते रहे हैं। ये अक्सर फर्जी अमेरिकन पहचान बनाकर विवादास्पद मुद्दों जैसे प्रवास, आर्थिक असमानता या विदेश नीति पर आग लगाते हैं। हाल के वर्षों में AI के इस्तेमाल से ऐसे अभियान और जटिल हो गए हैं। एक्स ने पहले भी एक साल में करीब 80 करोड़ अकाउंट्स स्पैम और हेरफेर के आरोप में सस्पेंड किए थे, जिसमें राज्य समर्थित प्रयास शामिल थे। रूस को अक्सर सबसे सक्रिय बताया जाता है, उसके बाद ईरान और चीन आते हैं।
Fake accounts US midterms: मिडटर्म चुनाव क्यों हैं महत्वपूर्ण
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिडटर्म चुनाव अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण का फैसला करते हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी सीटें और सीनेट की करीब एक तिहाई सीटें दांव पर होती हैं। बाहरी प्रभाव अगर सफल रहे तो मतदाताओं का भरोसा डगमगा सकता है। X ने अपनी सिविक इंटीग्रिटी नीति का हवाला देते हुए कहा कि वह ऐसी सामग्री रोकता है जो चुनाव प्रक्रिया को भ्रमित करे या भागीदारी हतोत्साहित करे।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां और निजी रिसर्च समूह लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि विदेशी ताकतें सोशल मीडिया को हथियार बना रही हैं। इस बार एक्स की समय पर कार्रवाई ने दिखाया कि प्लेटफॉर्म अब पहले से ज्यादा सतर्क है। लेकिन चुनौती बनी हुई है नए अकाउंट्स बनना आसान है और तकनीक लगातार बदल रही है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए सोशल मीडिया कंपनियों, सरकारों और नागरिकों को मिलकर जागरूक रहना होगा।

