Collector Pratap Narayan Yadav: एमपी के दमोह से एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सबको भावुक कर दिया। यहां जिले के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने एक मामले में प्रशासनिक लापरवाही स्वीकारते हुए जब हाथ जोड़कर माफी मांगी तो वहां मौजूद बुजुर्ग महिलाओं के आंखों से आंसू छलक पड़ें। जिसके बाद महिलाओं ने दिल खोलकर उनपर प्यार लुटाया। बुजुर्ग महिलाए कलेक्टर के सिर पर हाथ फेरकर उन्हें बार-बार आशीर्वाद दे रही थीं।
ये है पूरा मामला

दमोह जिले के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव(Collector Pratap Narayan Yadav) ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों की समस्याएं सुनीं और आठ माह से बंद वृद्धावस्था पेंशन को दोबारा शुरू कराया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही स्वीकारते हुए बुजुर्गों से माफी भी मांगी निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में रह रही वृद्ध माताओं और बुजुर्गों ने बताया कि उनकी पेंशन पिछले आठ महीनों से बंद थी। कई बार आवेदन देने और कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया था।
कलेक्टर(Collector Pratap Narayan Yadav) ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मौके पर ही आधार कार्ड प्रभारी को बुलाकर हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट मिलान कराए गए और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। इसके बाद लंबित पेंशन राशि स्वीकृत करते हुए बुजुर्गों को पेंशन स्वीकृति आदेश सौंपे गए। कलेक्टर ने कहा कि वृद्धजन समाज की धरोहर हैं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।
संवेदनशील पहल पर वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया

उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था की कमी के कारण बुजुर्गों की पेंशन आठ माह तक बंद रही, जिसके लिए प्रशासन खेद व्यक्त करता है। कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल पर वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
कलेक्टर ने घर जाकर सौंपा स्वीकृति पत्र, खाते में डलवाए ₹4800
जिले में प्रशासन ने सेवा एवं आशीर्वाद अभियान का आगाज किया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव(Collector Pratap Narayan Yadav) ने इस अभियान के तहत सिविल वार्ड निवासी वृद्ध महिला फूलबाई की आठ माह से बंद वृद्धावस्था पेंशन पुनः शुरू कराई। कलेक्टर स्वयं फूलबाई के घर पहुंचे और उन्हें पेंशन स्वीकृति पत्र सौंपते हुए लंबित आठ माह की चार हजार आठ सौ रुपये की राशि उनके खाते में अंतरित करवाई। पिछले सप्ताह जनसुनवाई में फूलबाई ने कलेक्टर को अपनी समस्या बताई थी कि अगस्त 2025 से उनकी पेंशन रुकी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में सामने आया कि समग्र ई-केवाईसी नहीं होने के कारण शासन स्तर से पेंशन रोक दी गई थी। इसके बाद कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आधार सुविधा केंद्र में महिला का बायोमेट्रिक सत्यापन करवाकर समग्र ई-केवाईसी पूर्ण कराई और तत्काल पेंशन दोबारा शुरू कराई। वार्ड के अन्य लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए वार्ड पार्षद को निर्देश दिए गए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जिले में इस अभियान के तहत वृद्धजनों से जुड़े 1600 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।


