‘4 करोड़ के तीन हिस्से करो,मना किया तो मार डाला’:अररिया में फर्जी ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में दोस्त की हत्या, पढ़िए आरोपियों का कबूलनामा

‘4 करोड़ के तीन हिस्से करो,मना किया तो मार डाला’:अररिया में फर्जी ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में दोस्त की हत्या, पढ़िए आरोपियों का कबूलनामा

क्यूटेक्स ऑनलाइन गेम में विशाल कुमार महतो के वॉलेट में करीब 4 करोड़ रुपए दिख रहे थे। हमने उससे कहा था कि पैसे को तीन हिस्सों में बांट दो, लेकिन उसने साफ मना कर दिया। उसी बात को लेकर हमने उसकी हत्या कर दी। यह कबूलनामा अररिया के पलासी थाना क्षेत्र में 10वीं के छात्र विशाल कुमार महतो की हत्या के आरोप में पकड़े गए 2 नाबालिग आरोपियों का है। पूछताछ में दोनों ने पुलिस के सामने पूरी वारदात का खुलासा किया है। मृतक छात्र की पहचान विशाल कुमार महतो (17) के रूप में हुई है। घटना पलासी थाना क्षेत्र के कनखुदिया गांव की है। आखिर ‘क्यूटेक्स’ ऑनलाइन गेम क्या है? नाबालिगों को इसके बारे में कैसे हुई जानकारी? तीनों के बीच कब से दोस्ती थी? मर्डर की प्लानिंग कैसे की? इन सारे सवालों का जवाब यहां पढ़िए… पहले घटना की 2 तस्वीरें… 5 साल की दोस्ती, 6 महीने से खेल रहे थे गेम दोनों नाबालिग आरोपियों ने बताया कि हम तीनों पिछले 5 साल से एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। तभी से हमारे बीच गहरी दोस्ती है। इस बीच करीब 6 महीने से हमलोग साथ में क्यूटेक्स ऑनलाइन गेम खेलते थे। विशाल कुमार महतो के पास खुद का मोबाइल था, इसलिए गेम उसी के फोन में चलता था। गेम में एक वॉलेट बना था, जिसमें करीब 4 करोड़ रुपए दिख रहे थे। 15 मई को हमने वॉलेट में इतना पैसा देखा। इसके बाद हमने विशाल से कहा कि उस पैसे का तीन हिस्सा कर दो, ताकि हमलोग भी बांट लें। लेकिन उसने साफ मना कर दिया। उसने कहा कि मोबाइल उसका है, इसलिए पैसे भी उसी के होंगे। 15 मई से लेकर 17 मई तक हमलोग लगातार उस पर दबाव बनाते रहे कि पैसे बांट दे, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात को लेकर हमारे बीच तनाव बढ़ता गया। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की दी थी धमकी 18 मई को मैंने और मेरे दूसरे साथी ने विशाल को घर से घूमने के बहाने बुलाया। वह हमारी बात मान गया। हम दोनों ने उसे बाइक पर बीच में बैठाया और गांव से बाहर बांसबाड़ी की तरफ ले गए। वहां पहुंचने के बाद हमने एक बार फिर उससे पैसे देने की बात की। उसे डराया और जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन उसने हमारी बात को गंभीरता से नहीं ली। विशाल के पिता से मांगे 2 लाख विशाल पैसे देने से इनकार किया तो उसके पिता को फोन कर 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। उनसे कहा, अगर अपने बेटे को सही-सलामत देखना चाहते हैं तो दिए गए पते पर 2 लाख रुपए पहुंचा दीजिए। पुलिस को इसकी जानकारी मत दीजिए। लेकिन उसके घरवालों ने हमारी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें लगा कि कोई स्पैम कॉल या ठगी करने वाला फोन है। उन्होंने हमें डांटते हुए फोन काट दिया। इसी बात से हम दोनों और ज्यादा गुस्से में आ गए। हमने सोचा कि जब 4 करोड़ रुपए में से हमें कुछ नहीं मिल रहा है तो विशाल को भी नहीं मिलना चाहिए। इसी गुस्से में हमने उसकी हत्या करने का फैसला किया। मर्डर के बाद रात 1 बजे झाड़ी में फेंका शव विशाल को एक कमरे में बंद किया। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। बांसबाड़ी के पास पड़े एक धारदार हथियार से हमने पहले उसके गले पर वार किया। हमला होते ही वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद हमने उसका गला पकड़ लिया और कई बार हथियार से मारा। जब उसकी मौत हो गई तो शव को घसीटकर झाड़ी में फेंक दिया। यह पूरी घटना करीब रात एक बजे की है। हत्या करने के बाद हम दोनों अपने-अपने घर चले गए और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। 19 मई की सुबह जब हम उठे तो विशाल के घरवाले हमारे पास आए। उन्होंने पूछा कि तुम लोग उसे अपने साथ लेकर गए थे, वह रात से घर नहीं लौटा है। इस पर हमने झूठ बोल दिया कि हमलोग घर के बाहर छोड़ दिए थे, इसके बाद वह कहां गया हमें नहीं पता। 19 मई को अपरहण का केस दर्ज किया गया विशाल के परिजनों ने 19 मई को किडनैपिंग की शिकायत थाने में दर्ज करवाई। SP जितेंद्र कुमार ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद SDPO के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें विशाल कुमार महतो को एक बाइक पर दोनों नाबालिग आरोपियों के साथ जाते देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। शव से करीब 50 मीटर दूर पानी से भरे गड्ढे से धारदार हथियार भी बरामद किया गया। फर्जी गेम के वॉलेट में दिख रहे पैसे को लेकर था विवाद एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि क्यूटेक्स जैसे ऑनलाइन गेम फर्जी है। इस गेम में खिलाड़ियों को करोड़ों रुपए दिखाए जाते हैं, जबकि वास्तविकता में कोई रकम नहीं होती। ऑनलाइन गेमिंग की लत और फर्जी वॉलेट के झांसे में आकर विवाद हुआ था। दोनों आरोपियों के नाबालिग होने के कारण उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। जांच में किसी बड़े फ्रॉड नेटवर्क या गैंग की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भाई ने कहा- आरोपियों को हो फांसी की सजा विशाल की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजा ने कहा, पुलिस ने अच्छा काम किया है, लेकिन सरकार से हमारी एक ही गुजारिश है कि इस हत्या में शामिल सभी लड़कों को फांसी की सजा हो। तभी मेरे भाई को इंसाफ मिलेगा। क्यूटेक्स ऑनलाइन गेम में विशाल कुमार महतो के वॉलेट में करीब 4 करोड़ रुपए दिख रहे थे। हमने उससे कहा था कि पैसे को तीन हिस्सों में बांट दो, लेकिन उसने साफ मना कर दिया। उसी बात को लेकर हमने उसकी हत्या कर दी। यह कबूलनामा अररिया के पलासी थाना क्षेत्र में 10वीं के छात्र विशाल कुमार महतो की हत्या के आरोप में पकड़े गए 2 नाबालिग आरोपियों का है। पूछताछ में दोनों ने पुलिस के सामने पूरी वारदात का खुलासा किया है। मृतक छात्र की पहचान विशाल कुमार महतो (17) के रूप में हुई है। घटना पलासी थाना क्षेत्र के कनखुदिया गांव की है। आखिर ‘क्यूटेक्स’ ऑनलाइन गेम क्या है? नाबालिगों को इसके बारे में कैसे हुई जानकारी? तीनों के बीच कब से दोस्ती थी? मर्डर की प्लानिंग कैसे की? इन सारे सवालों का जवाब यहां पढ़िए… पहले घटना की 2 तस्वीरें… 5 साल की दोस्ती, 6 महीने से खेल रहे थे गेम दोनों नाबालिग आरोपियों ने बताया कि हम तीनों पिछले 5 साल से एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। तभी से हमारे बीच गहरी दोस्ती है। इस बीच करीब 6 महीने से हमलोग साथ में क्यूटेक्स ऑनलाइन गेम खेलते थे। विशाल कुमार महतो के पास खुद का मोबाइल था, इसलिए गेम उसी के फोन में चलता था। गेम में एक वॉलेट बना था, जिसमें करीब 4 करोड़ रुपए दिख रहे थे। 15 मई को हमने वॉलेट में इतना पैसा देखा। इसके बाद हमने विशाल से कहा कि उस पैसे का तीन हिस्सा कर दो, ताकि हमलोग भी बांट लें। लेकिन उसने साफ मना कर दिया। उसने कहा कि मोबाइल उसका है, इसलिए पैसे भी उसी के होंगे। 15 मई से लेकर 17 मई तक हमलोग लगातार उस पर दबाव बनाते रहे कि पैसे बांट दे, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात को लेकर हमारे बीच तनाव बढ़ता गया। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की दी थी धमकी 18 मई को मैंने और मेरे दूसरे साथी ने विशाल को घर से घूमने के बहाने बुलाया। वह हमारी बात मान गया। हम दोनों ने उसे बाइक पर बीच में बैठाया और गांव से बाहर बांसबाड़ी की तरफ ले गए। वहां पहुंचने के बाद हमने एक बार फिर उससे पैसे देने की बात की। उसे डराया और जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन उसने हमारी बात को गंभीरता से नहीं ली। विशाल के पिता से मांगे 2 लाख विशाल पैसे देने से इनकार किया तो उसके पिता को फोन कर 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। उनसे कहा, अगर अपने बेटे को सही-सलामत देखना चाहते हैं तो दिए गए पते पर 2 लाख रुपए पहुंचा दीजिए। पुलिस को इसकी जानकारी मत दीजिए। लेकिन उसके घरवालों ने हमारी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें लगा कि कोई स्पैम कॉल या ठगी करने वाला फोन है। उन्होंने हमें डांटते हुए फोन काट दिया। इसी बात से हम दोनों और ज्यादा गुस्से में आ गए। हमने सोचा कि जब 4 करोड़ रुपए में से हमें कुछ नहीं मिल रहा है तो विशाल को भी नहीं मिलना चाहिए। इसी गुस्से में हमने उसकी हत्या करने का फैसला किया। मर्डर के बाद रात 1 बजे झाड़ी में फेंका शव विशाल को एक कमरे में बंद किया। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। बांसबाड़ी के पास पड़े एक धारदार हथियार से हमने पहले उसके गले पर वार किया। हमला होते ही वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद हमने उसका गला पकड़ लिया और कई बार हथियार से मारा। जब उसकी मौत हो गई तो शव को घसीटकर झाड़ी में फेंक दिया। यह पूरी घटना करीब रात एक बजे की है। हत्या करने के बाद हम दोनों अपने-अपने घर चले गए और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। 19 मई की सुबह जब हम उठे तो विशाल के घरवाले हमारे पास आए। उन्होंने पूछा कि तुम लोग उसे अपने साथ लेकर गए थे, वह रात से घर नहीं लौटा है। इस पर हमने झूठ बोल दिया कि हमलोग घर के बाहर छोड़ दिए थे, इसके बाद वह कहां गया हमें नहीं पता। 19 मई को अपरहण का केस दर्ज किया गया विशाल के परिजनों ने 19 मई को किडनैपिंग की शिकायत थाने में दर्ज करवाई। SP जितेंद्र कुमार ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद SDPO के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें विशाल कुमार महतो को एक बाइक पर दोनों नाबालिग आरोपियों के साथ जाते देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। शव से करीब 50 मीटर दूर पानी से भरे गड्ढे से धारदार हथियार भी बरामद किया गया। फर्जी गेम के वॉलेट में दिख रहे पैसे को लेकर था विवाद एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि क्यूटेक्स जैसे ऑनलाइन गेम फर्जी है। इस गेम में खिलाड़ियों को करोड़ों रुपए दिखाए जाते हैं, जबकि वास्तविकता में कोई रकम नहीं होती। ऑनलाइन गेमिंग की लत और फर्जी वॉलेट के झांसे में आकर विवाद हुआ था। दोनों आरोपियों के नाबालिग होने के कारण उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। जांच में किसी बड़े फ्रॉड नेटवर्क या गैंग की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भाई ने कहा- आरोपियों को हो फांसी की सजा विशाल की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजा ने कहा, पुलिस ने अच्छा काम किया है, लेकिन सरकार से हमारी एक ही गुजारिश है कि इस हत्या में शामिल सभी लड़कों को फांसी की सजा हो। तभी मेरे भाई को इंसाफ मिलेगा।  

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