UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलें अब साफ होती दिख रही है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के हालिया बयानों और सरकार की चुप्पी से लग रहा है कि पंचायत चुनाव फिलहाल टल सकते हैं। इन चुनावों के अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री योगी का क्या रुख है?
सबसे बड़ा सवाल यही था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में क्या चाहते हैं। ओम प्रकाश राजभर ने खुलासा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा की है। राजभर के अनुसार, मुख्यमंत्री का साफ मानना है कि चूंकि यह मामला अब हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए सरकार पूरी तरह से अदालत के फैसले का सम्मान करेगी।
सरकार नहीं दिखा रही जल्दबाजी
राजभर के बयानों से यह संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार पंचायत चुनाव कराने को लेकर बहुत उत्सुक नहीं है। सीएम योगी का कहना है कि कोर्ट जो भी निर्णय लेगा, सरकार उसी के अनुसार काम करेगी। सरकार फिलहाल इंतजार में है और कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है।
कोर्ट पर निर्भर फैसला
पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हैं। पिछले हफ्ते इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन उसे टाल दिया गया। अब कोर्ट जब भी सुनवाई करेगा और फैसला सुनाएगा, उसी आधार पर सरकार आगे बढ़ेगी। राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह से कोर्ट के निर्णय का पालन करने के पक्ष में हैं।
क्यों टल सकते हैं यूपी पंचायत चुनाव?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अगर पंचायत चुनाव 2027 के बाद होते हैं तो कई फायदे हो सकते हैं। सरकार को विधानसभा चुनाव की तैयारी पर पूरा ध्यान देने का समय मिलेगा। साथ ही, कोर्ट के फैसले का इंतजार करके सरकार किसी भी विवाद से बचना चाहती है।
क्या चाहती है आम जनता?
पंचायत चुनाव 2026 टलने की खबर से ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। पंचायत स्तर पर लोग नए प्रतिनिधियों का इंतजार कर रहे थे। अगर चुनाव टल गए तो मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल बढ़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला अब हाईकोर्ट के हाथ में है। ओम प्रकाश राजभर पहले 12 जुलाई तक पंचायत चुनाव कराने का दावा कर रहें थे, लेकिन हाल ही बयानों में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और सरकार कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है।


