वेस्ट त्रिपुरा जिले में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बार्मुरा पहाड़ियों पर हुई भारी वर्षा के कारण हावड़ा और कथाखाल नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आ गई। प्रशासन द्वारा चलाए गए त्वरित राहत और बचाव अभियानों के तहत अब तक 413 परिवारों के 1,305 प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर 17 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में बालदाखाल, श्रीलंकाबस्ती, कथाखाल और बंबुतिया का एक हिस्सा शामिल है।
वेस्ट त्रिपुरा के जिलाधिकारी विशाल कुमार ने संवाददाताओं से कहा, शनिवार रात लगातार हुई भारी बारिश के कारण हावड़ा और कथाखाल नदियों के किनारे स्थित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। अब तक 413 परिवारों के कुल 1,305 लोगों को निकालकर 17 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
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मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार रात बाढ़ से प्रभावित कुछ इलाकों और राहत शिविरों का दौरा करके हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ की समस्या को हल करने के लिए स्थायी कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, बार्मुरा पहाड़ियों में भारी बारिश के कारण वेस्ट त्रिपुरा जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।

