IMD Heatwave and Warm Night Alert : भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से आज लू और वार्म नाइट को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस लंबी लिस्ट में राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जैसे राज्यों के नाम हैं। अब आपको दिन में लू और रात में गर्मी सताएगी। इससे बचने के लिए पत्रिका के रवि कुमार गुप्ता के साथ बातचीत में प्रो. प्रताप चंद माली (जूलॉजी विभागाध्यक्ष, राजस्थान विवि) ने बताया है कि ऐसे भीषण गर्मी में कैसे खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
राजस्थान सहित अन्य राज्यों के मौसम की चेतावनी
- लू (Heat Wave) का प्रकोप: राजस्थान में 24 से 26 अप्रैल के दौरान अलग-अलग इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है।
- मध्य भारत का प्रभाव: राजस्थान के साथ-साथ पूरे मध्य भारत में भी 24 से 27 अप्रैल तक हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी।
- पड़ोसी राज्यों में गर्म रातें: हालांकि ‘गर्म रातों’ (Warm Night) का मुख्य अलर्ट फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए है, लेकिन राजस्थान में भी लू और भीषण गर्मी के कारण रात के तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

प्रोफेसर माली कहते हैं, लू को लेकर बचाव बेहद जरूरी है। जब गर्म रातों का अलर्ट मौसम विभाग ने दिया हो तो और भी आपकी चिंता बढ़ जाती है। क्योंकि, ऐसे मौसम में बीमारी का भी खतरा उतना ही अधिक होता है। आपको कमरे की कूलिंग का भी विशेष ध्यान रखना होगा।
कमरे को ठंडा रखने के देसी उपाय
- खिड़कियों को दिन में पूरी तरह खोलकर ना रखें।
- खिड़कियों पर टांट (बांस से बने पर्दे) को लटकाएं।
- घर के आपसपास लंबे पौधे हों तो बचाव होगा।
- कमर में वेंटिलेशन हो।
दोपहर में निकलने से बचें
वो कहते हैं, दोपहर के समय गर्मी चरम पर होती है। सीधे सिर के ऊपर सूरज प्रहार करता है। अगर बहुत आवश्यक ना हो तो घर से बाहर ना जाएं। क्योंकि, लू वाली हवा आपको बीमार बना सकती है। शाम के वक्त सूर्यास्त होने पर ही घर से बाहर निकलना सही होता है। साथ ही इन बातों का भी ध्यान रखें जो मौसम विभाग या स्वास्थ्य विभाग जारी करता है।
बचाव के लिए क्या करें?
- तरल पदार्थों का सेवन: प्यास न होने पर भी पर्याप्त पानी पीते रहें।
- दोपहर में सावधानी: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
- हल्का भोजन: रात के समय भारी भोजन से बचें ताकि शरीर को ठंडा रहने में मदद मिले।
जानवर और पक्षियों की भी करें रक्षा

वो कहते हैं कि हमारे जूलॉजी विभाग की ओर से पक्षियों के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। अगर आपके आसपास पेड़-पौधे हैं तो उनके आसपास पानी और दाना रखें ताकि कोई पक्षी प्यासा ना मरे। क्योंकि, इन जीवों की रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। राजस्थान विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग में शुक्रवार को परिंदे (पक्षियों के लिए जल पात्र) स्थापित किए गए।
इस अवसर पर बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) के निदेशक डॉ. किशोर रिठे भी थे। उनका कहना है, गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस वक्त इंसानों के साथ जानवरों का ख्याल रखना भी जरूरी है। साथ ही गर्मी से बचाव को लेकर कई सलाह भी दिए।
अंत में ये भी कहा, भीषण गर्मी से बचना है तो सबसे पहले पेड़-पौधे यानी प्रकृति की रक्षा करें।


