Vivo Money Laundering Case में सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक से मांगी भारत वापसी की गारंटी

Vivo Money Laundering Case में सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक से मांगी भारत वापसी की गारंटी

नयी दिल्ली, सात सितंबर उच्चतम न्यायालय ने स्मार्टफोन निर्माता वीवो से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपी चीनी नागरिक गुआंगवेन कुआंग को एक महीने का समय दिया, ताकि वह देश के दूतावास से संपर्क कर यह गारंटी पेश कर सके कि मुकदमे का सामना करने के लिए भारत लौटेगा। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ कुआंग की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने उसे विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।

पीठ ने चीनी नागरिक की ओर से पेश वकील से कहा, ‘‘हमें केवल इस बात की गारंटी चाहिए कि आप वापस आएंगे…आप अपने दूतावास से समर्थन देने और गारंटी देने के लिए क्यों नहीं कहते, जैसा कि उन्होंने दूसरे मामले में किया था?’’
कुआंग के वकील ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह पहले ही चीनी अस्पतालों से जारी चिकित्सा प्रमाणपत्र जमा कर चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू पेश हुए। उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कुआंग ने अपने 82 वर्षीय पिता की गंभीर चिकित्सा स्थिति के आधार पर चीन के ग्वांगझू जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया।

कुआंग के पिता को दिमाग के दाहिने हिस्से में रक्तस्राव हुआ है और कई जानलेवा जटिलताओं के कारण वह फिलहाल लगातार जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। ईडी ने पिछले साल जुलाई में कंपनी और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने दावा किया था कि उसने चीनी नागरिकों और कई भारतीय कंपनियों से जुड़े एक बड़े धनशोधन गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

ईडी ने उस समय आरोप लगाया था कि भारत में कर भुगतान से बचने के लिए वीवो ने 62,476 करोड़ रुपये की भारी राशि ‘अवैध रूप से’ चीन भेजी थी।

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