Vinesh Phogat का मामला PM Modi तक पहुंचा, Sakshi Malik ने की निष्पक्ष Trial की अपील

Vinesh Phogat का मामला PM Modi तक पहुंचा, Sakshi Malik ने की निष्पक्ष Trial की अपील

भारतीय कुश्ती जगत में इन दिनों विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच चल रहा विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब इस मामले में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक भी खुलकर विनेश के समर्थन में उतर आई हैं। साक्षी ने कहा है कि महिला खिलाड़ियों को मां बनने के बाद भी अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।मौजूद जानकारी के अनुसार, विनेश फोगाट ने हाल ही में गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की कोशिश की थी। हालांकि भारतीय कुश्ती महासंघ ने उन्हें अयोग्य बताते हुए प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी। महासंघ का कहना है कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के तहत छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होती है।गौरतलब है कि विनेश फोगाट करीब 10 महीने पहले मां बनी थीं और अब वह दोबारा प्रतिस्पर्धी कुश्ती में लौटना चाहती हैं। लेकिन महासंघ के फैसले के बाद विवाद और बढ़ गया है। इस पूरे मामले पर साक्षी मलिक ने सामाजिक माध्यम पर साझा किए गए एक वीडियो में अपनी बात रखी।साक्षी मलिक ने कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक मामलों से दूरी बनाकर रखती हैं, क्योंकि विनेश अब कांग्रेस की विधायक भी हैं। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा राजनीति से कहीं बड़ा है और यह महिला खिलाड़ियों के अधिकारों से जुड़ा मामला है।उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिला खिलाड़ियों को मां बनने के बाद खेल में वापसी के लिए नियमों में राहत दी जाती है, ताकि उनका करियर जारी रह सके। लेकिन भारत में ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं जो विनेश फोगाट की वापसी को मुश्किल बना रहे हैं।साक्षी मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय कुश्ती महासंघ से अपील करते हुए कहा कि विनेश को निष्पक्ष ट्रायल का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विनेश दोबारा देश के लिए पदक जीत सकती हैं और मां बनने के बाद भी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।बता दें कि विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान फाइनल मुकाबले से पहले केवल 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का फैसला किया था। इस घटना ने पूरे देश को भावुक कर दिया था। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं।मौजूद जानकारी के अनुसार, अब विनेश की वापसी को लेकर खेल जगत में बहस तेज हो गई है। कई खिलाड़ी और खेल प्रेमी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों को वापसी का समान अवसर मिलना चाहिए या नहीं। वहीं भारतीय कुश्ती महासंघ अपने नियमों पर कायम दिखाई दे रहा है। 

भारतीय कुश्ती जगत में इन दिनों विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच चल रहा विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब इस मामले में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक भी खुलकर विनेश के समर्थन में उतर आई हैं। साक्षी ने कहा है कि महिला खिलाड़ियों को मां बनने के बाद भी अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।
मौजूद जानकारी के अनुसार, विनेश फोगाट ने हाल ही में गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की कोशिश की थी। हालांकि भारतीय कुश्ती महासंघ ने उन्हें अयोग्य बताते हुए प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी। महासंघ का कहना है कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के तहत छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होती है।
गौरतलब है कि विनेश फोगाट करीब 10 महीने पहले मां बनी थीं और अब वह दोबारा प्रतिस्पर्धी कुश्ती में लौटना चाहती हैं। लेकिन महासंघ के फैसले के बाद विवाद और बढ़ गया है। इस पूरे मामले पर साक्षी मलिक ने सामाजिक माध्यम पर साझा किए गए एक वीडियो में अपनी बात रखी।
साक्षी मलिक ने कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक मामलों से दूरी बनाकर रखती हैं, क्योंकि विनेश अब कांग्रेस की विधायक भी हैं। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा राजनीति से कहीं बड़ा है और यह महिला खिलाड़ियों के अधिकारों से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिला खिलाड़ियों को मां बनने के बाद खेल में वापसी के लिए नियमों में राहत दी जाती है, ताकि उनका करियर जारी रह सके। लेकिन भारत में ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं जो विनेश फोगाट की वापसी को मुश्किल बना रहे हैं।
साक्षी मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय कुश्ती महासंघ से अपील करते हुए कहा कि विनेश को निष्पक्ष ट्रायल का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विनेश दोबारा देश के लिए पदक जीत सकती हैं और मां बनने के बाद भी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
बता दें कि विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान फाइनल मुकाबले से पहले केवल 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का फैसला किया था। इस घटना ने पूरे देश को भावुक कर दिया था। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अब विनेश की वापसी को लेकर खेल जगत में बहस तेज हो गई है। कई खिलाड़ी और खेल प्रेमी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों को वापसी का समान अवसर मिलना चाहिए या नहीं। वहीं भारतीय कुश्ती महासंघ अपने नियमों पर कायम दिखाई दे रहा है।

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