रीवा जिले के नगर परिषद डभौरा अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7 के ग्राम धुरकुच में एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों के सामने भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी के बीच आदिवासी बहुल इस गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और मजबूरन करीब 2 किलोमीटर दूर जंगल में स्थित सूखी नदी में गड्ढा खोदकर गंदा पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक माह पूर्व अज्ञात चोरों द्वारा विद्युत केबल काट ली गई थी। इसकी शिकायत बिजली विभाग से लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 तक की गई, लेकिन अब तक केबल नहीं जोड़ी गई। गांव में लगे सरकारी बोरवेल बिजली के अभाव में बंद पड़े हैं और मोटर बेकार साबित हो रही हैं, जिससे पेयजल संकट और गहरा गया है। वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद आसमा देवी ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन बिजली विभाग के जेई फोन तक नहीं उठाते। नगर परिषद द्वारा पानी के टैंकर भी नियमित रूप से नहीं भेजे जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। मजबूरी में गंदा पानी पीने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। मामला मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर पानी की व्यवस्था सुचारु कराई जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं और समस्या का त्वरित समाधान कराया जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन का यह आश्वासन कब तक जमीन पर उतरता है और धुरकुच के ग्रामीणों को राहत मिल पाती है या नहीं।


