महाकाल की शरण में विजय सिन्हा, बड़ा पद मांगा:सम्राट के CM बनने के बाद छीन गया है डिप्टी सीएम का पद;मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा

महाकाल की शरण में विजय सिन्हा, बड़ा पद मांगा:सम्राट के CM बनने के बाद छीन गया है डिप्टी सीएम का पद;मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा शनिवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल के दरबार में पहुंचे थे। यहां उन्होंने बगलामुखी धाम में हवन यज्ञ किया और महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुए। उनकी पत्नी भी साथ थीं। इसके अलावा उन्होंने कोटितीर्थ कुंड परिसर में जलाभिषेक भी किया। नाथ संप्रदाय के योगी पीर रामनाथ जी महाराज ने विजय सिन्हा को यज्ञ में आहुतियां दिलवाईं। रामनाथ जी के अनुसार विजय सिन्हा ने भगवान से मनोकामना मांगी है कि उन्हें आने वाले समय में बड़ा पद मिले। पंडित दिनेश पुजारी ने बताया, मनोकामना पूर्ति, मनोवांच्छित फल प्राप्ति, गृह शांति, पुत्र-पुत्री, परिजन के स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए महाकालेश्वर के गर्भगृह की तरह कोटितीर्थ कुंड परिसर के आस-पास रुद्राभिषेक करवाया जाता है। नंदी के कान ने अपनी मनोकामना कही विजय कुमार सिन्हा शनिवार की सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती में शामिल हुए और भगवान महाकाल की पूजा की। आरती के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन-अभिषेक कर कान में अपनी मनोकामना भी कही। सिन्हा ने मंदिर के चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित किया। योगी पीर रामनाथ जी महाराज ने कहा, विजय सिन्हा अपनी कामना लेकर उज्जैन पहुंचे थे। चुनाव से पहले भी मुख्यमंत्री बनने के लिए यज्ञ किया था। शनिवार को भी वे बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा पहुंचे और पूजा-अर्चना की। विजय सिन्हा ने विजय संकल्प भी लिया है। नई सरकार में विजय सिन्हा की जिम्मेदारी अभी क्लियर नहीं बिहार में नई सरकार बनने के बाद अभी तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है। इसके पहले विजय कुमार सिन्हा के पास उप मुख्यमंत्री के साथ कई विभागों की जिम्मेदारी थी, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं, जदयू से विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके बाद विजय कुमार सिन्हा से उप मुख्यमंत्री का पद छिन गया। अब आगे विजय कुमार सिन्हा को कौन सी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है, वह मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पता चलेगा। अब पढ़ें सम्राट के सीएम बनने पर विजय सिन्हा ने क्या कहा था, कब हुए दोनों आमने-सामने… खून-पसीना वर्षों तक हमने बहाया- विजय सिन्हा मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव आने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा था, ‘मैंने भाजपा का सिपाही होने के नाते अपने कमांडर के आदेश के अनुसार सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव दिया। हमारी पार्टी की ये तीसरी और चौथी जनरेशन है। वर्षों-बरस तक जमीन पर मेहनत की, पसीना बहाया, लहू बहाया, बलिदान दिया। आज कमल खिलाने का अवसर आया और गठबंधन की राजनीति को लेकर चलने के लिए हमने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया है’। विजय सिन्हा के निर्णय को सम्राट ने बदला
विजय सिन्हा के भूमि राजस्व मंत्री रहते हुए 224 कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की वजह से निलंबित किया था। मुख्यमंत्री पद संभालते ही सम्राट चौधरी विजय सिन्हा के फैसले को बदल दिया। सीएम सम्राट चौधरी ने विजय सिन्हा को कहा था व्याकुल नहीं हों मार्च 2021 में जब विजय कुमार सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष थे और सम्राट चौधरी पंचायती राज मंत्री थे। एक सवाल के जवाब के दौरान अध्यक्ष विजय सिन्हा ने मंत्री को टोक दिया था और कहा था कि अधिकारियों से बात करें। इस पर सम्राट चौधरी ने सदन में ही कहा था ‘व्याकुल नहीं होना है… आप व्याकुल मत होइए’। इस पर विजय सिन्हा काफी नाराज हुए थे और इसे आसन का अपमान बताया था और शब्द वापस लेने को कहा था। सम्राट चौधरी ने उस समय माफी नहीं मांगी थी। उसके बाद सदन की कार्यवाही रोक दी गई थी। तेजस्वी बोले थे, सम्राट जी अपनी पगड़ी संभालकर रखिएगा वहीं, दूसरी तरफ सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर तेजस्वी ने भी चुटकी ली थी। उन्होंने सम्राट चौधरी को कहा था कि भले ही पहले पगड़ी उतार लिए हों, मुंडन करा लिए हो, लेकिन जिस पगड़ी को आप उतारे हैं, उसे संभाल कर रखिएगा। क्योंकि विजय सिन्हा जी का उसपर नजर है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा शनिवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल के दरबार में पहुंचे थे। यहां उन्होंने बगलामुखी धाम में हवन यज्ञ किया और महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुए। उनकी पत्नी भी साथ थीं। इसके अलावा उन्होंने कोटितीर्थ कुंड परिसर में जलाभिषेक भी किया। नाथ संप्रदाय के योगी पीर रामनाथ जी महाराज ने विजय सिन्हा को यज्ञ में आहुतियां दिलवाईं। रामनाथ जी के अनुसार विजय सिन्हा ने भगवान से मनोकामना मांगी है कि उन्हें आने वाले समय में बड़ा पद मिले। पंडित दिनेश पुजारी ने बताया, मनोकामना पूर्ति, मनोवांच्छित फल प्राप्ति, गृह शांति, पुत्र-पुत्री, परिजन के स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए महाकालेश्वर के गर्भगृह की तरह कोटितीर्थ कुंड परिसर के आस-पास रुद्राभिषेक करवाया जाता है। नंदी के कान ने अपनी मनोकामना कही विजय कुमार सिन्हा शनिवार की सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती में शामिल हुए और भगवान महाकाल की पूजा की। आरती के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन-अभिषेक कर कान में अपनी मनोकामना भी कही। सिन्हा ने मंदिर के चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित किया। योगी पीर रामनाथ जी महाराज ने कहा, विजय सिन्हा अपनी कामना लेकर उज्जैन पहुंचे थे। चुनाव से पहले भी मुख्यमंत्री बनने के लिए यज्ञ किया था। शनिवार को भी वे बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा पहुंचे और पूजा-अर्चना की। विजय सिन्हा ने विजय संकल्प भी लिया है। नई सरकार में विजय सिन्हा की जिम्मेदारी अभी क्लियर नहीं बिहार में नई सरकार बनने के बाद अभी तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है। इसके पहले विजय कुमार सिन्हा के पास उप मुख्यमंत्री के साथ कई विभागों की जिम्मेदारी थी, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं, जदयू से विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके बाद विजय कुमार सिन्हा से उप मुख्यमंत्री का पद छिन गया। अब आगे विजय कुमार सिन्हा को कौन सी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है, वह मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पता चलेगा। अब पढ़ें सम्राट के सीएम बनने पर विजय सिन्हा ने क्या कहा था, कब हुए दोनों आमने-सामने… खून-पसीना वर्षों तक हमने बहाया- विजय सिन्हा मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव आने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा था, ‘मैंने भाजपा का सिपाही होने के नाते अपने कमांडर के आदेश के अनुसार सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव दिया। हमारी पार्टी की ये तीसरी और चौथी जनरेशन है। वर्षों-बरस तक जमीन पर मेहनत की, पसीना बहाया, लहू बहाया, बलिदान दिया। आज कमल खिलाने का अवसर आया और गठबंधन की राजनीति को लेकर चलने के लिए हमने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया है’। विजय सिन्हा के निर्णय को सम्राट ने बदला
विजय सिन्हा के भूमि राजस्व मंत्री रहते हुए 224 कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की वजह से निलंबित किया था। मुख्यमंत्री पद संभालते ही सम्राट चौधरी विजय सिन्हा के फैसले को बदल दिया। सीएम सम्राट चौधरी ने विजय सिन्हा को कहा था व्याकुल नहीं हों मार्च 2021 में जब विजय कुमार सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष थे और सम्राट चौधरी पंचायती राज मंत्री थे। एक सवाल के जवाब के दौरान अध्यक्ष विजय सिन्हा ने मंत्री को टोक दिया था और कहा था कि अधिकारियों से बात करें। इस पर सम्राट चौधरी ने सदन में ही कहा था ‘व्याकुल नहीं होना है… आप व्याकुल मत होइए’। इस पर विजय सिन्हा काफी नाराज हुए थे और इसे आसन का अपमान बताया था और शब्द वापस लेने को कहा था। सम्राट चौधरी ने उस समय माफी नहीं मांगी थी। उसके बाद सदन की कार्यवाही रोक दी गई थी। तेजस्वी बोले थे, सम्राट जी अपनी पगड़ी संभालकर रखिएगा वहीं, दूसरी तरफ सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर तेजस्वी ने भी चुटकी ली थी। उन्होंने सम्राट चौधरी को कहा था कि भले ही पहले पगड़ी उतार लिए हों, मुंडन करा लिए हो, लेकिन जिस पगड़ी को आप उतारे हैं, उसे संभाल कर रखिएगा। क्योंकि विजय सिन्हा जी का उसपर नजर है।  

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