नालंदा के परवलपुर थाना क्षेत्र स्थित मर्दन बिगहा के पास आज जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वारदात के दौरान नगर पंचायत के गौरवानगर से वार्ड पार्षद निभा कुमारी के पति चितरंजन प्रसाद समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि सत्ताधारी दल के नेता ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर खेत में गेहूं कटवा रहे भाइयों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें पार्षद पति का दाहिना हाथ टूट गया है। पीड़ित चितरंजन प्रसाद ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया कि वे अपने भाइयों के साथ खेत में गेहूं की कटनी करा रहे थे, तभी जेडीयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अजय चंद्रवंशी अपने भाई देवदत्त, पिंटू, संतोष और पुच्चू यादव सहित करीब 10 से 20 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और खेत छोड़कर भागने को कहा। जब विरोध किया गया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और दोबारा खेत पर आने पर गोली मारने की धमकी दी। हमले में चितरंजन प्रसाद के अलावा सुजीत कुमार, पप्पू प्रसाद और सन्नी कुमार भी घायल हुए हैं। भाई-भाई को लड़ाकर एक पक्ष से एग्रीमेंट कराने का आरोप घायल पार्षद प्रतिनिधि ने जेडीयू नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘भू-माफिया’ और ‘थाने का दलाल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अजय चंद्रवंशी आपसी विवाद का फायदा उठाकर जबरन जमीन पर कब्जा करने का आदी है और उसने भाई-भाई को लड़ाकर एक पक्ष से एग्रीमेंट करा लिया है। चितरंजन प्रसाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी ही पार्टी के नेता गुंडों के बल पर लोगों की जमीन हड़प रहे हैं और विरोध करने पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। फिलहाल, सभी घायलों का प्राथमिक उपचार परवलपुर स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, जहां से चितरंजन प्रसाद को गंभीर हालत देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। परवलपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि जमीन के विवाद को दो पक्षों के बीच घटना हुई है और दोनों ही ओर से थाने में आवेदन मिले हुए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा के परवलपुर थाना क्षेत्र स्थित मर्दन बिगहा के पास आज जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वारदात के दौरान नगर पंचायत के गौरवानगर से वार्ड पार्षद निभा कुमारी के पति चितरंजन प्रसाद समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि सत्ताधारी दल के नेता ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर खेत में गेहूं कटवा रहे भाइयों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें पार्षद पति का दाहिना हाथ टूट गया है। पीड़ित चितरंजन प्रसाद ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया कि वे अपने भाइयों के साथ खेत में गेहूं की कटनी करा रहे थे, तभी जेडीयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अजय चंद्रवंशी अपने भाई देवदत्त, पिंटू, संतोष और पुच्चू यादव सहित करीब 10 से 20 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और खेत छोड़कर भागने को कहा। जब विरोध किया गया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और दोबारा खेत पर आने पर गोली मारने की धमकी दी। हमले में चितरंजन प्रसाद के अलावा सुजीत कुमार, पप्पू प्रसाद और सन्नी कुमार भी घायल हुए हैं। भाई-भाई को लड़ाकर एक पक्ष से एग्रीमेंट कराने का आरोप घायल पार्षद प्रतिनिधि ने जेडीयू नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘भू-माफिया’ और ‘थाने का दलाल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अजय चंद्रवंशी आपसी विवाद का फायदा उठाकर जबरन जमीन पर कब्जा करने का आदी है और उसने भाई-भाई को लड़ाकर एक पक्ष से एग्रीमेंट करा लिया है। चितरंजन प्रसाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी ही पार्टी के नेता गुंडों के बल पर लोगों की जमीन हड़प रहे हैं और विरोध करने पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। फिलहाल, सभी घायलों का प्राथमिक उपचार परवलपुर स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, जहां से चितरंजन प्रसाद को गंभीर हालत देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। परवलपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि जमीन के विवाद को दो पक्षों के बीच घटना हुई है और दोनों ही ओर से थाने में आवेदन मिले हुए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


